“जनसुरक्षा से खिलवाड़ नहीं चलेगा: डीएम सविन बंसल का तीन एजेंसियों पर बड़ी कार्रवाई, अनुमति सस्पेंड, मुकदमे दर्ज, ब्लैकलिस्ट घोषित”

निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जल संस्थान, यूपीसीएल और गेल पर कसा शिकंजा; 3 माह की ब्लैकलिस्टिंग, कार्य अनुमति निलंबित, संबंधित अधिकारियों-ठेकेदारों पर एफआईआर

देहरादून, 25 अप्रैल 2025 :  मुख्यमंत्री की “जनमन सर्वप्रथम” नीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनसुरक्षा से खिलवाड़ पर बड़ी कार्रवाई की है। कैनाल रोड और माता मंदिर रोड पर मानकों की घोर अवहेलना और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जल संस्थान, यूपीसीएल और गेल के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर तीनों एजेंसियों को तीन माह के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही, इन एजेंसियों की कार्य अनुमति तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दी गई है।

अनुमति शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी

इन एजेंसियों ने जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं कार्य शर्तों का उल्लंघन किया, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ी। खुदाई के बाद सड़कों पर मलबा छोड़ देना, समतलीकरण न करना, रात के समय कार्यों में सुरक्षा के उपयुक्त प्रबंध न करना जैसी गंभीर लापरवाहियों को जिलाधिकारी ने जनहित के साथ विश्वासघात करार दिया।

डीएम ने कहा— “अनुमति सुरक्षित सड़क खुदान की थी, जनसुरक्षा से खिलवाड़ की नहीं”

डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “विकास कार्य जनहित में हैं, लेकिन यदि किसी संस्था द्वारा कार्यों के नाम पर जनसुरक्षा से समझौता किया जाएगा तो प्रशासन कड़े प्रवर्तन एक्शन से पीछे नहीं हटेगा। हम जनमन की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं।”

एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई

जिलाधिकारी के निर्देश पर तीनों एजेंसियों—जल संस्थान (कैनाल रोड), गेल और यूपीसीएल (माता मंदिर रोड)—के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ये रही प्रमुख लापरवाहियाँ:

  • सड़क खुदाई के बाद मलबा न हटाना
  • समतलीकरण न करना
  • रात्रिकालीन निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी
  • निर्माण स्थल पर मशीनरी व सामग्रियों को बेतरतीब छोड़ना
  • सड़क यातायात एवं आमजन की सुरक्षा को नजरअंदाज़ करना

प्रशासनिक चेतावनी और भविष्य की रणनीति

डीएम बंसल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी एजेंसी यदि निर्माण कार्यों में निर्धारित शर्तों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसके विरुद्ध और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण समाप्ति के पश्चात संबंधित एजेंसी यह सुनिश्चित करे कि सड़क पूर्णतः समतल और सुरक्षित हो।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व सुरक्षा प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता

प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने कहा, “हम विकास कार्यों के पक्षधर हैं लेकिन गुणवत्ता, मानक और जनसुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन के वर्कस्टाइल को हल्के में लेने की गलती अब किसी को भी भारी पड़ेगी।”

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