रुड़की(आरएनएस)। इस बार नवरात्रि का त्योहार 30 मार्च से शुरू होगा और छह अप्रैल तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के दिनों में पांच विशेष योग बनने और माता की सवारी हाथी होने के चलते इस बार की नवरात्रि सुख समृद्धि से पूर्ण होगी। ज्योतिषाचार्य राकेश शुक्ला ने बताया कि तृतीय तिथि का क्षय होने के कारण 31 मार्च को माता के द्वितीय और तृतीय स्वरूप की पूजा एक साथ की जाएगी। बताया कि इस बार नवरात्रि में सर्वार्थ सिद्ध, ऐंद्र, बुद्ध आदित्य, शुक्र आदित्य, लक्ष्मी नारायण योग बनने से नवरात्रि विशेष फलदायक होगी। बताया कि नवरात्रि में कालसर्प योग बनने से कुछ राशियों पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि में कलश स्थापना का सबसे उपयुक्त मुहूर्त सुबह 6:15 से 10:20 बजे के मध्य और दोपहर 11:52 से 12:15 बजे के मध्य रहेगा।

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