हरियाणा के हजारों एकड़ खेत जलमग्न, हुड्डा ने सरकार से मांगा 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा

रोहतक (आरएनएस)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि भिवानी, रोहतक, हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र और अंबाला सहित कई जिलों में हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। उन्होंने इस समस्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। हुड्डा ने सरकार से जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में बताया कि केवल खेत ही नहीं, बल्कि शहरों में भी जलभराव की समस्या है क्योंकि सरकार ने बारिश से पहले नालों और ड्रेन्स की सफाई नहीं करवाई। उन्होंने कहा कि गंदगी के अंबार से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
हुड्डा ने कहा कि आने वाले मानसून सत्र में कांग्रेस, कृषि संकट, कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और बढ़े हुए कलेक्टर रेट जैसे तमाम मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कलेक्टर रेट में 10 से 145 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करके जमीनों के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर कौशल विकास निगम के कर्मचारियों और राशन कार्ड धारकों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने कौशल कर्मियों को पक्का करने का दावा किया था, लेकिन अब नौकरी से निकाला जा रहा है।
उन्होंने बीपीएल राशन कार्डों में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के बाद हजारों परिवारों के कार्ड काटे जा रहे हैं। हुड्डा ने प्रदेश से उद्योगों के पलायन पर भी चिंता जताई और कहा कि यमुनानगर का प्लाईवुड और पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री बंद होने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में 90 से ज्यादा चावल मिलें भी मध्य प्रदेश शिफ्ट हो चुकी हैं।
हुड्डा ने इसका कारण प्रदेश में बढ़ते अपराध को बताया और कहा कि हरियाणा अपराध के मामले में नंबर वन बन चुका है। इसी बीच, सांसद दीपेन्द्र हुड्डा से मेवात संयुक्त संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मिला और बूचड़खानों की अनियंत्रित वृद्धि को लेकर ज्ञापन सौंपा।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार में रिकॉर्ड संख्या में बूचड़खाने खोले गए हैं, जिससे प्रदूषण, गंदगी और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मलिक एक बेबाक नेता थे और उनके निधन से भारतीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है।

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