कोटद्वार(आरएनएस)। भाबर क्षेत्र के जशोधरपुर में जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार व हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद की ओर से 50 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें बोक्सा जनजाति की महिलाओं एवं युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिया गया। वहीं 20 प्रशिक्षणार्थियों ने ऊन से बनी विभिन्न प्रकार की आकर्षक वस्तुओं को बनाना सीखा। समापन के बाद सभी को प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित मानदेय भी दिया गया, जो सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। समापन अवसर पर उन्हें राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने की अपील की। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान के अपने अनुभव भी साझा किए गए। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर निर्मला ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को क्रोशिया और निटिंग क्राफ्ट सिखाया गया। इस अवसर पर प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद आर्य, राजेंद्र प्रसाद थपलियाल, देवेंद्र नाथ, भावना वर्मा, पार्षद सुखपाल शाह व किसान नेता परशुराम मौजूद रहे।

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