ADM केके मिश्रा ने मजिस्ट्रेटों संग बैठक कर दिए कड़े निर्देश
देहरादून। देहरादून जिले में 31 अगस्त को दो महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित होने जा रही हैं, जिनमें कुल मिलाकर 17 हज़ार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।
दो अलग-अलग आयोगों की परीक्षाएँ
- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC), हरिद्वार
परीक्षा: उत्तराखण्ड न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) प्रारम्भिक परीक्षा–2023
परीक्षा तिथि: 31 अगस्त 2025 (रविवार)
समय: प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक (एकल पाली)
केन्द्र: देहरादून जिले के 19 परीक्षा केन्द्र
परीक्षार्थी: 8314
सेक्टर मजिस्ट्रेट: 10 तैनात
- उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC), देहरादून
परीक्षा: फोटोग्राफर, स्नातक सहायक, प्रतिरूप सहायक व वैज्ञानिक सहायक के पदों हेतु लिखित प्रतियोगी परीक्षा
परीक्षा तिथि: 31 अगस्त 2025
समय: प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक (एकल पाली)
केन्द्र: देहरादून जिले के 22 परीक्षा केन्द्र
परीक्षार्थी: 9462
सेक्टर मजिस्ट्रेट: 14 तैनात

ADM ने की बैठक, दिए कड़े निर्देश
अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा ने गुरुवार को सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और केन्द्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की और परीक्षाओं को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी परीक्षा केन्द्रों पर सख़्त फिस्किंग की व्यवस्था होगी।
किसी भी अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मोबाइल, स्मार्ट वॉच आदि) परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समय पर परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाए और सभी केन्द्रों का निरीक्षण समय से हो।
आयोग द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा।
परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में आयोग के प्रतिनिधियों ने भी मजिस्ट्रेटों व केन्द्र व्यवस्थापकों को विस्तृत दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।
परीक्षा केन्द्रों के फोटोकॉपी रूम सील रहेंगे।
प्रश्नपत्र व सामग्री को आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के तहत ही खोला जाएगा।
केन्द्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा प्रारम्भ होने से पहले अपने-अपने परीक्षा कक्ष का निरीक्षण कर लें और सुनिश्चित करें कि आयोग की गाइडलाइन का अनुपालन हो रहा है।
सख्ती के बीच निष्पक्षता पर ज़ोर
अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षाएँ पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सम्पन्न हों। उन्होंने सभी अधिकारियों को सजग रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस प्रकार, देहरादून जिले में 31 अगस्त को आयोजित होने वाली दोनों प्रमुख परीक्षाओं को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अब नज़र रहेगी कि करीब 17,776 अभ्यर्थी किस तरह शांति और अनुशासन के माहौल में अपनी-अपनी परीक्षा दे पाते हैं।

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