चमोली एसटीपी हादसे को दो साल, अब तक नहीं मिला न्याय — परिजनों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

देहरादून। चमोली जिले के नगर पालिका एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में वर्ष 2023 में करंट फैलने से 16 लोगों की दर्दनाक मौत के दो वर्ष बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाया है। इस अन्याय के विरोध में मृतकों के परिजनों ने ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के समर्थन में देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतकों के आश्रितों को स्थायी सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये मुआवजा और हादसे के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

इंटक के प्रदेश अध्यक्ष पंकज क्षेत्री ने बताया कि हादसे में मारे गए 16 मृतकों में से 12 परिवार अब तक न्याय से वंचित हैं। जबकि हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को नौकरी, उचित मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बाद भी कुछ नहीं हुआ।

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि एसटीपी निर्माण के लिए जलनिगम द्वारा ठेका जेबीएम और सीई आईपीएल कंपनियों को दिया गया था, लेकिन इन कंपनियों ने मिलीभगत कर कार्य एक्सस पावर कंट्रोल को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर सौंप दिया। इस कंपनी की लापरवाही के चलते एसटीपी में करंट फैला और 16 निर्दोष लोगों की जान चली गई।

परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल सात लाख रुपये देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है, जबकि एक करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग आज भी अधूरी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

यह मामला केवल न्याय का ही नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का भी उदाहरण बनता जा रहा है, जहां दो साल बाद भी पीड़ित अपने हक के लिए सड़क पर हैं।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments