पार्टी ने बीजेपी-कांग्रेस पर साधा निशाना, अपने दम पर सरकार बनाने का जताया भरोसा
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उपाध्याय को केंद्रीय चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह घोषणा सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने की।
जय प्रकाश उपाध्याय पिछले तीन दशकों से उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े हुए हैं और राज्य आंदोलन के दौर से ही सक्रिय राजनीति में हैं। 1990 के दशक में चले ऐतिहासिक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय उन्होंने धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम, रेल रोको और कार्यालय बंदी जैसे कई आंदोलनों में अग्रिम पंक्ति में रहकर नेतृत्व किया था। अक्टूबर 1994 में मुजफ्फरनगर जाते समय उन्हें रुड़की में गिरफ्तार भी किया गया था। उनके इस लंबे अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
पत्रकार वार्ता में सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने बारी-बारी से प्रदेश को नुकसान पहुंचाया है और जनता को सिर्फ झूठे सपने दिखाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों राष्ट्रीय दल सत्ता में आने के बाद विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब इन दोनों दलों की वास्तविकता समझ चुकी है और बदलाव चाहती है।
कुकरेती ने साफ किया कि उत्तराखंड क्रांति दल अब किसी के सहारे नहीं, बल्कि अपने दम पर सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की जनता ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को आजमा लिया है। अब वह केवल उत्तराखंड क्रांति दल पर भरोसा करती है। हम अपने दम पर सरकार बनाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा कि जय प्रकाश उपाध्याय को चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने यह संदेश दे दिया है कि आगामी चुनावों में पार्टी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जय प्रकाश उपाध्याय की नियुक्ति से संगठन को मजबूती मिलेगी और चुनावी रणनीति को धारदार बनाने में मदद मिलेगी। वह आंदोलन के दौरान बने अपने व्यापक जनसंपर्क और अनुभव का लाभ पार्टी को देंगे। आगामी दिनों में चुनाव संचालन समिति की बैठक बुलाकर चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Recent Comments