देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य भर में चलाया जा रहा विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार”अब बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों तथा गैंग्स्टर तत्वों के विरूद्ध एसटीएफ के स्तर पर भी मिशन मोड पर आ गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, देहरादून अजय सिंह के नेतृत्व में राज्य एसटीएफ ने उत्तराखंड में निवासरत बाहरी संदिग्ध अपराधियों, अंतरराज्यीय गैंग सदस्यों तथा फर्जी शस्त्र लाइसेंस वालों की खोज‑खबर तेज कर दी है।
पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड दीपम सेठ ने राज्य में सक्रिय गैंग/गैंगस्टर व अन्य संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध धरपकड़‑सत्यापन की विशेष कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में एसटीएफ टीमों को **अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिक, घुसपैठिए, बांग्लादेशी नागरिक एवं अन्य असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश** दिये गये। इस दौरान पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के अनुसार चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत एसटीएफ ने उत्तराखंड की जेलों में बंद अपराधियों, उनके गैंग के संपर्क में रहने वाले तथा बाहरी राज्यों से आकर यहां बसे पेशेवर/संगठित अपराधियों की गहन जांच की, जिनका पूर्व में संगीन अपराध‑इतिहास रहा है या जिनके भविष्य में अपराध करने की सम्भावना अधिक बताई जा रही है।
इस अभियान के तहत एसटीएफ ने **कुल 13 संदिग्ध अपराधियों को चिन्हित कर उनसे विस्तृत पूछताछ के बाद डोजियर तैयार किए गए**, जिनकी सूची उत्तराखंड में निवास कर रहे संबंधित जनपद प्रभारियों के साथ साझा की जा रही है, ताकि जनपद/थाना स्तर पर भी इन पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इनमें शामिल व्यक्तियों के नाम व निवास‑क्षेत्र इस प्रकार हैं:
1. हरिओम राठी – बागपत, उत्तर प्रदेश।
2. महेश सिंह उर्फ नीटू – सोनीपत, हरियाणा।
3. शिवम डागर – बुलन्दशहर, उत्तर प्रदेश।
4. शुभम चौधरी – बागपत, उत्तर प्रदेश।
5. विवेक कुमार उर्फ विक्की – सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।
6. अभिषेक कुमार उर्फ शैंकी – सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।
7. जावेद – शामली, उत्तर प्रदेश।
8. परवेज – शामली, उत्तर प्रदेश।
9. जाबीर – शामली, उत्तर प्रदेश।
10. शमशेर सिंह उर्फ शेरा – अमृतसर, पंजाब।
11. विवेक राठौर – फरूखाबाद, उत्तर प्रदेश।
12. जसवीर – बरेली, उत्तर प्रदेश।
13. जितेंद्र – देवरिया, उत्तर प्रदेश।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन अभियुक्तों में कुछ ऐसे व्यक्तियों का नाम भी शामिल है, जो **पूर्व में संगीन अपराधों में लिप्त रहे** या देहरादून जैसे प्रमुख शहरों में अपराध‑गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। अंतरराज्यीय पंजीकृत गैंग से जुड़े कुछ सदस्य भी एसटीएफ के सत्यापन अभियान के रडार पर हैं। साथ ही, बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड में पंजीकृत कराने वाले व्यक्तियों का भी पता लगाकर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है, ताकि हथियार‑निर्धारण योजना के तहत दिए गए लाइसेंस के दुरुपयोग को रोका जा सके।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह डोजियर‑आधारित निगरानी व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जाएगी और इन चिन्हित व्यक्तियों की गतिविधियों पर जनपद व थाना स्तर पर नियमित नजर रखी जाएगी, ताकि भविष्य में संभावित अपराधों को रोकने में मदद मिल सके।

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