

26 हजार न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली
देहरादून। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन ने मांगों को लेकर गांधी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन नायब तहसीलदार सदर जितेंद्र रावत ने लिया।
रैली गांधी पार्क से शुरू होकर राजपुर रोड, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, तहसील चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान जिला मुख्यालय का मुख्य गेट बंद होने पर आशा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई, बाद में गेट खोलकर सभी को अंदर आने दिया गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि आशाओं की 24 घंटे ड्यूटी रहती है, रात में भी मरीजों की कॉल पर जाना पड़ता है, इसलिए सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन, सभी अस्पतालों में आशा घर बनाने और मानदेय व इंसेंटिव का भुगतान एनएचएम के माध्यम से करने के आदेश का विरोध किया।

यूनियन ने कहा कि 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानदेय बढ़ाने और हाई पावर कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 2019 से केंद्र और 2021 से राज्य सरकार ने मानदेय नहीं बढ़ाया है। मांग पूरी न होने पर 18, 19, 20 नवंबर को महापड़ाव में शामिल होकर राजधानी में सचिवालय घेराव की चेतावनी दी गई।
इस अवसर पर सीटू महामंत्री लेखराज, जिला सचिव अभिषेक भंडारी, प्रांतीय अध्यक्ष शिव दुबे, महामंत्री कला भट्ट सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। इससे पूर्व गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई।

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