विश्वविद्यालय छात्रों को डीजी लाॅकर पर उपलब्ध करायें प्रामण पत्रः डाॅ. धन सिंह रावत

देहरादून। सूबे के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को समस्त छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत शैक्षणिक डाटा डीजी लाॅकर पर अपलोड़ करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को अपने अंकप्रमाण पत्र एवं उपाधियां आॅनलाइन प्लेटफार्म पर आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर आगामी 10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भर्ती विज्ञापन जारी करने को कहा गया है। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाएं संचालित करने एवं नियत समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें सभी उच्च शिक्षा विभाग एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के उच्चाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में डाॅ. रावत ने विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि 31 मार्च 2026 तक सभी छात्र-छात्राओं के समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र आॅनलाइन प्लेटफार्म डीजी लाॅकर पर अनिवार्य रूप से अपलोड़ कर लिये जाय। ताकि छात्र-छात्राओं को अंक प्रमाणपत्र व उपाधियां आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने विगत शैक्षणिक सत्रों का लैगेसी डाटा भी समर्थ पोर्टल के सहयोग से डीजी लाॅकर पर अपलोड़ करने के निर्देश दिये। जिसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन एवं मंत्रालय को भी उपलब्ध कराने को कहा। राजकीय विश्वविद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को भरने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुये विभागीय अधिकारियों को सभी रिक्त पदों के सापेक्ष 10 फरवरी 2026 तक भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिये। बैठक में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों से एमओयू कर संबंधित विषयों के छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से औद्योगिक प्रशिक्षण करने के निर्देश दिये, जिसकी मासिक प्रगति आख्या भी शासन को उपलब्ध कराने को कहा। छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के लिये खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस वर्ष अंतरविश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसके आयोजन की जिम्मेदारी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को दी है।

बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को एनईपी के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाओं का संचालन करने तथा समय पर परीक्षा का आयोजन कर परीक्षा परिणाम घोषित करने की कार्ययोजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। चाहे उसके लिये परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के लिये बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिये। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने सभी शिक्षण संस्थानों को स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना से जोड़ने को लेकर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण भी दिया। जिस पर सभी संस्थानों के अधिकारियों से भी सुझाव मांगे गये।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा डाॅ. रंजीत सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, संयुक्त निदेशक डाॅ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव उच्च शिक्षा अजीत सिंह, हरीश सागर, राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव खेमराज भट्ट, दिनेश चन्द्रा, डाॅ. जे.एस. बिष्ट, दुर्गेश डिमरी, वित्त अधिकारी एवं परीक्षा नियंत्रक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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