

देहरादून। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूपीईएस के स्टार्टअप इन्क्यूबेटर ‘यूपीईएस रनवे’का दिल्ली में आयोजन किया गया।कार्यक्रम में देशभर के युवा उद्यमियों ने अपने एआई आधारित स्टार्टअप और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया। 20 से अधिक स्टार्टअप्स के आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से सात को अंतिम चरण के लिए चुना गया। अंतिम मूल्यांकन के बाद तीन स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता के लिए चयनित किया गया।
फाइनल राउंड में स्टार्टअप्स ने निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और यूपीईएस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। इस दौरान एआई इमेज रिकग्निशन, फिनटेक, एडटेक, आपदा प्रबंधन, फ्लीट टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े नवाचार सामने आए। विशेषज्ञों ने तकनीकी उपयोगिता, बाजार की आवश्यकता, व्यवसाय मॉडल, विस्तार की संभावनाओं और टीम की क्षमता के आधार पर स्टार्टअप्स का मूल्यांकन किया।
मूल्यांकन के बाद अर्थिक एआई, स्टोरलिंक और मेमइंटेल को फंडिंग के लिए चुना गया। इन स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास, बाजार विस्तार और कारोबार को गति देने के लिए 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। संस्थान ने यह भी बताया कि विशेष क्षमता वाले स्टार्टअप्स को निवेश समिति की मंजूरी के बाद 50 लाख रुपये तक का निवेश भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
यूपीईएस रनवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन राहुल नैनवाल ने कहा कि ‘द पिच 3.0’ का उद्देश्य ऐसे युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है, जो एआई की मदद से वास्तविक समस्याओं के प्रभावी समाधान विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीईएस स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता के साथ मेंटरशिप, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और निवेशकों तक पहुंच भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उनके नवाचार सफल उद्यमों में बदल सकें।

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