न्यार घाटी महोत्सव में भी गूंजी ‘अंकिता को न्याय’ की मांग
सतपुली (पौड़ी): चौबट्टाखाल विधानसभा के सतपुली में आयोजित दसवें न्यार घाटी महोत्सव में आज अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर गूंजा। मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यह महोत्सव आज अंकिता भंडारी को समर्पित है और जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।
धस्माना ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और भाजपा सरकार शुरू से ही अंकिता की हत्या के पीछे के वीआईपी की पहचान छिपाने में लगी रही है। उन्होंने कहा, “जनता सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर है, और कांग्रेस यह संकल्प लेकर चली है कि दोषियों को सजा दिलवाकर रहेगी।” इसके बाद सभा में दो मिनट का मौन रखकर अंकिता को श्रद्धांजलि दी गई।
‘खाली होते पहाड़ सरकार की नाकामी का नतीजा’
राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर वक्तव्य देते हुए धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड को जैसा राज्य सपनों में देखा था, वैसा आज तक नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अभाव में पहाड़ खाली हो रहे हैं। इसके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारे जनप्रतिनिधियों की है, और दूसरी उन मतदाताओं की जो नाकारा लोगों को बार-बार चुनते हैं।” उन्होंने युवाओं और मातृ शक्ति से आह्वान किया कि वे परिवर्तन की कमान अपने हाथों में लें।
धस्माना का सतपुली के प्रति विशेष लगाव
नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण में याद दिलाया कि सतपुली नगर पंचायत का गठन 2013 में सूर्यकांत धस्माना के प्रयासों से हुआ था, जब उन्होंने न्यार घाटी महोत्सव के मंच से तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को फोन पर घोषणा करने के लिए प्रेरित किया था।
कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक महिला मंगल दलों ने कीर्तन, लोकगीत और चौंफला प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक जगदम्बा डंगवाल, अध्यक्ष भगवान सिंह नेगी सहित प्रताप सिंह राणा, राजेंद्र प्रसाद नैथानी, देव किशोर नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, विकास रावत, स्वरूप धस्माना और आनंद सिंह पुंडीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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