देहरादून। राजधानी के रेसकोर्स इलाके में बिजली की भूमिगत लाइन डालने के दौरान हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि हालात बेकाबू हो गए। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाली महिला संतोष रावत और उनकी बेटी ज्योति रावत ने न केवल बिजली विभाग की टीम से अभद्रता की, बल्कि मौके पर पहुंची महिला दरोगा और महिला कांस्टेबल से धक्का-मुक्की, गला पकड़ने और वर्दी फाड़ने तक का प्रयास किया।
कैसे भड़का विवाद
13 अगस्त को एक परिवार के घर में बिजली कनेक्शन की दिक्कत दूर करने के लिए विद्युतकर्मी भूमिगत लाइन से केबल जोड़ने पहुंचे थे। इसी बीच पड़ोस में रहने वाली मां-बेटी ने इसका विरोध किया और हंगामा शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर नेहरू कॉलोनी थाने की चीता पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि मां-बेटी ने उनके साथ भी बदसलूकी की।
मामला और बिगड़ा
पुलिस की मदद के बावजूद हालात काबू में नहीं आए। आरोप है कि मां-बेटी ने पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई की और महिला कांस्टेबल के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मौके पर जब डिफेंस कॉलोनी चौकी प्रभारी एसआई कुसुम पुरोहित और उनकी टीम पहुंची, तब तक मामला बेकाबू हो चुका था। थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार ने बताया कि दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने लाया गया और नोटिस देने के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
महिला सिपाही ने वर्दी फाड़ने का लगाया आरोप
बिजली कर्मचारियों ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची महिला दरोगा और सिपाही ने मां और बेटी को समझाने की कोशिश की। इस दौरान संतोष रावत ने महिला दरोगा से कहा मुझे उंगली मत दिखाइए मैडम। बहस बढ़ गई और मां-बेटी की पुलिस के साथ धक्का मुक्की शुरू हो गई। महिला सिपाही स्वाति ने उनके ऊपर वदी फाड़ने और गाली गलौच करने का मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां उनको जमानत मिल गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप
पीड़िता और उनकी बेटी का आरोप है कि पुलिस और पड़ोसियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की, वीडियो बनाने पर मोबाइल छीन लिया और धमकियां दीं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोग घर के भीतर घुस आए और उन्हें चोटें भी पहुंचीं।
महिला आयोग सख्त
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का संज्ञान लिया और एसएसपी अजय सिंह, एसपी सिटी और थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी से वार्ता की। उन्होंने कहा – “यह घटना बेहद निंदनीय है। आयोग की टीम निष्पक्ष जांच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
महिला आयोग ने सोमवार को सभी पक्षों – मां-बेटी, पुलिसकर्मियों और पड़ोसियों – को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। कुसुम कंडवाल ने साफ कहा कि कानून का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी चाहे कोई भी हो, कड़ी कार्रवाई तय है।

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