रायपुर थाना क्षेत्र में हड़कंप: नशे की हालत में पकड़े गए चालक की हिरासत में मौत, एसएसपी का बड़ा एक्शन

देहरादून। देहरादून के थाना रायपुर क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप झगड़े के बाद हिरासत में लिए गए एक नशे में धुत वाहन चालक की थाने की हवालात में तेज गिरफ्तारी के बाद अचानक मौत हो जाने से स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में तनाव बढ़ गया है। मृतक की ओर से अपराध धारा 185/207 एमवी एक्ट (नशे में धुत होकर वाहन चलाने) के तहत गिरफ्तारी के बाद उसे थाने लाया गया था, जहां हवालात में बेहोश अवस्था में मिलने पर उसे तुरंत 108 एम्बुलेंस के माध्यम से कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना की सूचना मिलने पर उच्च पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे, परिजनों को सूचित किया गया और मामले की जुड़िशल/मजिस्ट्रेट जांच की व्यवस्था की गई।

घटना की शुरुआत लाडपुर स्थित “महादेव फ्यूल पैट्रोल पंप” से हुई, जहां शनिवार अपराह्न करीब 3.15 बजे एमडीटी के माध्यम से थाना रायपुर पर सूचना पहुंची कि एक व्यक्ति पेट्रोल भराने के बाद उसका भुगतान नहीं कर रहा और नशे‑शराब के आलम में पंप कर्मचारियों के साथ बदतमीजी व झगड़ा कर रहा है। चीता कर्मचारी मौके पर पहुंचे और व्यक्ति को समझाने का प्रयास किया, किंतु वह नशे में इतना उत्तेजित था कि किसी वैध अपील को स्वीकार नहीं करने के लिए तैयार था। इसके बाद उसे उसके वाहन सहित थाना लाया गया, जहां पूछताछ में उसने नाम सुनील रतूड़ी (45 वर्ष), पिता पुत्र शिवानंद रतूडी, निवासी 10 पीआरडी कालोनी, तपोवन रोड, देहरादून बताया। एल्कोहल मीटर पर सांस परीक्षण करने पर उसके खून में अल्कोहल की मात्रा 231.6 मिग्रा/100 मिली दर्ज हुई, जो अपराध धारा 185/207 एमवी एक्ट के अंतर्गत नशे में वाहन चलाने के जुर्म के लिए पर्याप्त साक्ष्य मानी गई।

पुलिस के अनुसार, सुनील रतूड़ी को इस आधार पर गिरफ्तार कर कार्यालय कक्ष में बैठाया गया, जहां उसने हंगामा, शोर‑शराबा करते हुए कार्यालय का कार्य विघ्नित किया और बार‑बार बाहर जाने की कोशिश की। जब समझाइश के बावजूद वह शांत नहीं हुआ तो उसे बाद जामा तलाशी कर हवालात में दाखिल कर दिया गया। कुछ देर बाद निगरानी ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल द्वारा हवालात चेक करने पर सुनील रतूड़ी बेहोश अवस्था में पाया गया। उसे तुरंत बाहर निकालकर थानाध्यक्ष और उनके साथ नियुक्त कर्मियों ने तुरंत उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल ले जाया, किंतु चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से उत्पन्न तनाव को देखते हुए उच्च अधिकारी तुरंत थाने पर पहुंचे और परिजनों को घटना की पूरी जानकारी देने का आदेश दिया।

प्रशासन का कहना है कि मृतक के शव का पंचायतनामा मजिस्ट्रेट द्वारा भरा जाएगा और पूरे प्रकरण की जुड़िशल‑मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी, ताकि घटना के सभी पहलुओं पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक समूह द्वारा कराया जाएगा, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी भी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के सवाल या शंका को टाला जा सके।

इस मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने तत्काल निर्णय लेते हुए थानाध्यक्ष रायपुर और थाने पर नियुक्त किए गए तीन अन्य पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया, जिससे इस घटना की जांच पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़ सके और उचित रूप से आकलन किया जा सके। उधर, स्थानीय नागरिकों के बीच इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, जबकि प्रशासन ने जांच की पूर्ण पारदर्शिता और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments