देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में कथित नकल के गंभीर आरोपों के मद्देनजर राज्य सरकार ने सोमवार को एक उच्च-स्तरीय विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की है। इस एसआईटी को मामले की समुचित जांच करने और एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
परीक्षा में धांधली के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई करते हुए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। इस टीम की कमान देहरादून की ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्रीमती जया बलूनी को सौंपी गई है। टीम में देहरादून के क्षेत्राधिकारी श्री अंकित कंडारी, स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक लक्ष्मण सिंह नेगी, रायपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्री गिरीश नेगी और साइबर पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक श्री राजेश ध्यानी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, एसआईटी अध्यक्ष को आवश्यकता अनुसार अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों का सहयोग लेने की भी छूट होगी। इस विशेष दल का कार्यक्षेत्र संपूर्ण उत्तराखंड राज्य रहेगा। टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं और तथ्यों का परीक्षण करेगी।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि एसआईटी द्वारा मामले की गहनता और पारदर्शिता से जांच की जाएगी। टीम को निर्धारित एक महीने की अवधि के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करनी होगी। शासन इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करेगा। इस कदम से परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के सरकार के संकलन का संकेत मिलता है।


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