यूक्रेन संकट पर अमेरिका-रूस की वार्ता, मॉस्को ने रखी नई मांग

रियाद ,19 फरवरी। अमेरिका और रूसी अधिकारियों ने मंगलवार को रियाद में चार घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। यह यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए उनकी पहली बातचीत। हालांकि कीव और उसके यूरोपीय सहयोगी इसमें शामिल नहीं थे।
मीडिया रिपोर्ट रूसी वार्ताकार यूरी उशाकोव के हवाले से बताया कि वार्ता अच्छी रही और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक के लिए शर्तों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह शिखर सम्मेलन होने की संभावना नहीं है।
बैठक के दौरान रूस ने अपनी मांगों को और सख्त करने का संकेत दिया।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मॉस्को में संवाददाताओं से कहा कि यूक्रेन को नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) सदस्य के रूप में स्वीकार न करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को अपने वादे से मुकरकर आगे बढऩा चाहिए। यह वादा 2008 में बुखारेस्ट में एक शिखर सम्मेलन में किया गया था कि कीव भविष्य में, अनिर्दिष्ट तिथि पर गठबंधन में शामिल होगा।
जखारोवा ने कहा, अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह समस्या यूरोपीय महाद्वीप के वातावरण को विषाक्त करती रहेगी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने लगातार नाटो सदस्यता की मांग की है। वह इसे कीव की संप्रभुता और उसके परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी से स्वतंत्रता की गारंटी का एकमात्र तरीका मानते हैं।
जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेता चिंतित हैं कि ट्रंप मास्को के साथ जल्दबाजी में कोई समझौता कर सकते हैं, जो उनके सुरक्षा हितों की अनदेखी करेगा और पुतिन को भविष्य में यूक्रेन या अन्य देशों को धमकाने के लिए स्वतंत्र छोड़ देगा।
अमेरिकी-रूस प्रतिनिधियों की यह बैठक यूरोपीय नेताओं के लिए भी एक झटका है जो कि यूक्रेन संकट के समाधान में एक बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं।
वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह उन वार्ताओं पर आधारित किसी भी समझौते को मान्यता नहीं देंगे जिनमें वह शामिल नहीं है।
अगले सप्ताह रूस की तरफ से यूक्रेन पर किए गए पूर्ण पैमाने के सैन्य आक्रमण के तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे।
मौजूदा स्थित यह है कि मॉस्को का पूर्वी डोनबास क्षेत्र के बड़े भाग पर कब्जा बरकरार है। रूसी सेना ने हाल ही में कुराखोव शहर को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है और उत्तर-पूर्व की ओर पोक्रोवस्क शहर की तरफ बढऩा जारी रखे हुए है।
उधर यूक्रेन रूस के सैनिकों को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे पूर्वी मोर्चे पर मॉस्को का आक्रमण धीमा पड़ रहा है। यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर खारकीव रूसी तोपखाने की सीमा से बाहर है।
इस महीने की शुरुआत में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने एक क्षेत्र अदला-बदली का सुझाव दिया। उनके सुझाव में रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में हाल के महीनों में यूक्रेन द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्र और 2014 से डोनेट्स्क और लुगांस्क में रूस समर्थित लड़ाकों द्वारा कब्जा की गई भूमि शामिल थी।

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