उत्तर प्रदेश ने स्वच्छता ही सेवा अभियान में किया राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री ने दिए दिशा-निर्देश

लखनऊ 26 अगस्त (आरएनएस )। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में अपशिष्ट निस्तारण एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान की वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश में चल रही स्वच्छता गतिविधियों, उपलब्धियों और नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। नगर निकायों के सहयोग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा निस्तारण, सीवेज ट्रीटमेंट और स्वच्छता पखवाड़ा जैसे कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।विगत वर्ष भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके दौरान उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्वच्छता घटक के अंतर्गत 155 घंटे महासफाई अभियान चलाया गया और लगभग एक लाख ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर 19 लाख से अधिक नागरिकों ने स्वच्छता में भाग लिया। साथ ही सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, वेस्ट टू आर्ट इंस्टॉलेशन, स्वच्छ फूड स्ट्रीट, स्वच्छ भारत कल्चरल फैस्ट और एक पेड़ मां के नाम अभियान में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया।श्री शर्मा ने बताया कि कई नगरों में दशकों पुराने कूड़े के ढेरों को हटाकर पार्क और प्रेरणास्थल तैयार किए गए हैं। लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग और मेटल रिकवरी के उपरांत निकले मटेरियल से वेस्ट टू वंडर पार्क बनाए गए। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में लखनऊ ने तीसरा, आगरा दसवां, गाजियाबाद ग्यारहवां, प्रयागराज बारहवां, कानपुर तेरहवां, वाराणसी सत्रहवां, मेरठ तेइसवां और अलीगढ़ छब्बीसवां स्थान प्राप्त किया।उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एक लाख से अधिक गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स चिन्हित कर उन्हें साफ कर पार्क और बगीचे बनाए गए। लखनऊ में प्रतिदिन निकलने वाले दो हजार टन कूड़े की प्रोसेसिंग के लिए तीन यूनिट कार्यरत हैं, जिससे शहर दैनिक स्तर पर जीरो वेस्ट नगर बन गया है।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी राज्यों और नगर निकायों को निर्देश दिए कि आगामी स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के रूप में मनाया जाए और अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनजागरूकता पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शहरों को कचरा मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा।बैठक में सभी राज्यों के नगर विकास मंत्री, निदेशक नगरीय निकाय अनुज झा, अपर निदेशक रितु सुहास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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