देहरादून,19फरवरी2025(एजेन्सियाँ)उत्तराखंड विधानसभा का पंचम सत्र आज राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। इस दौरान राज्यपाल ने सरकार की विभिन्न उपलब्धियों और विकास योजनाओं को सदन के सामने प्रस्तुत किया। लेकिन इस अवसर पर विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश के विकास के लिए सभी से सहयोग का आह्वान किया। जैसे ही उन्होंने अपना अभिभाषण शुरू किया, विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों को लेकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इसके बावजूद राज्यपाल ने प्रदेश की स्थिति को उजागर करते हुए कहा कि बजट 20 फरवरी को पेश किया जाएगा।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह रजत जयंती वर्ष है और हम आने वाले समय में विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को हासिल किया है, जिससे हमारा प्रदेश एक सशक्त उत्तराखंड की दिशा में अग्रसर है।
राज्यपाल ने कहा, “उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसमें मातृशक्ति के अधिकारों को सुरक्षित किया गया है।” उन्होंने ये भी बताया कि नए आपराधिक कानून, जिनमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं, 1 जुलाई 2024 से लागू किए जाएंगे।
राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है, जिन्होंने 38 वें राष्ट्रीय खेलों में 100 से अधिक पदक जीते। उन्होंने यह भी बताया कि इन प्रतियोगिताओं में दिव्यांग खिलाड़ियों को भी शामिल होने का अवसर दिया जाता है।
राज्यपाल ने बताया कि राज्य के परिवारी पहचान पत्र योजना का गठन किया जा रहा है, जिससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
शाम को दो बजे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का पाठ किया गया। प्रदेश सरकार विभिन्न उपायों और पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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