उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक: 32 प्रस्तावों पर लगी मुहर, कई अहम फैसले लिए गए

देहरादून,12फरवरी2025(आरएनएस)मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और नागरिकों की भलाई के लिए 32 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में बजट, रोपवे परियोजनाओं, सैनिक कल्याण, वनाग्नि प्रबंधन, और विधायकों की पेंशन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

बजट को मिली मंजूरी

बैठक में 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगाई, जो राज्य के विकास को गति देने और प्रमुख योजनाओं को लागू करने में सहायक होगा। बजट को विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

रोपवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। ये परियोजनाएं श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाएंगी। अब इन प्रस्तावों को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द इन्हें लागू किया जा सके।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए बड़ा कदम

वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए वन पंचायतों को 30-30 हजार रुपये की राशि देने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर वनाग्नि प्रबंधन को मजबूत करना है। इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट भी केंद्र को भेजा जाएगा।

सैनिक कल्याण विभाग को निशुल्क भूमि

सैनिक कल्याण विभाग के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। यह निर्णय राज्य के सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिडकुल की भूमि को घोषित किया गया आवासीय

खुरपिया फार्म में स्थित सिडकुल की भूमि को आवासीय घोषित करने का फैसला लिया गया। इससे क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों को लाभ होगा।

विधायकों की पेंशन और धनराशि में वृद्धि

कैबिनेट ने पूर्व विधायकों की पेंशन 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दी है। इसके अलावा, विधायकों की वार्षिक धनराशि में भी 2,500 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 3,000 रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय विधायकों की सैलरी वृद्धि की मांग के मद्देनजर लिया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग के ढांचे में बदलाव

कैबिनेट ने राज्य निर्वाचन आयोग के ढांचे में बदलाव का प्रस्ताव भी मंजूर किया। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

भू कानून पर चर्चा नहीं

हालांकि, कैबिनेट बैठक में भू कानून को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, जिसे लेकर कयास लगाए जा रहे थे।

राज्य के विकास को मिलेगी गति

बैठक में लिए गए ये निर्णय राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की भलाई के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

सरकार द्वारा लिए गए इन निर्णयों को अमल में लाने के बाद राज्य में विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है।

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