

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ और ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के तहत राज्य की युवा प्रतिभाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने तकनीक, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कौशल विकास और स्वरोजगार जैसे भविष्य के विषयों पर अपने अभिनव विचार और सुझाव रखे।
कार्यक्रम के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने पर सवाल किया। छात्रा के इस प्रश्न पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की कि राज्य के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब खरीदने के लिए direct benefit transfer (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में धनराशि भेजी जाएगी।
उद्योगों की मांग के अनुसार मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
युवाओं के कौशल विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए फैक्ट्रियों के साथ सीधे समझौता ज्ञापन (MOU) किए जा रहे हैं, ताकि उनसे आवश्यक ट्रेड और स्किल की जानकारी लेकर युवाओं को वही प्रशिक्षण दिया जा सके। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

सगंध मिशन और पिरुल से बढ़ेगा स्वरोजगार
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य पहलों को रेखांकित किया:
- सगंध मिशन: उत्तराखंड की विशिष्ट वनस्पतियों और जैव विविधता से तैयार सुगंधित उत्पादों एवं परफ्यूम को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के जरिए देश और वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा।
- पिरुल से आय: जंगलों में मिलने वाले पिरुल को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। इसका उपयोग व्यावसायिक उत्पाद बनाने में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आय के साधनों को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की नई सोच, नवाचार और आत्मविश्वास ही विकसित उत्तराखंड की असली ताकत हैं। सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

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