₹47 करोड़ की वापसी, दोषसिद्धि दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक निर्णायक मोर्चा खोलते हुए न केवल पीड़ितों को ₹47.02 करोड़ की राशि लौटाई, बल्कि दोषसिद्धि दर को राष्ट्रीय औसत से दोगुना कर 64.7% तक पहुंचा दिया है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन हेली’ जैसे अभियानों के तहत देशभर में 500 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सैकड़ों वेबसाइट, बैंक खाते और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की चमकदार उपलब्धियाँ
भारतीय गृह मंत्रालय के I4C प्लेटफॉर्म और NCRP के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड ने “मनी सेव्ड” श्रेणी में देशभर में छठा स्थान हासिल किया है। अंतरराज्यीय समन्वय और केस सॉल्विंग में भी राज्य को शीर्ष छह में स्थान मिला है। यह प्रदर्शन उत्तर भारत में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी बना रहा है।
अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कड़ा शिकंजा
उत्तराखंड पुलिस ने यूपी, दिल्ली, झारखंड और तेलंगाना की एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ट्रैक किया। दुबई, कंबोडिया और म्यांमार से जुड़े चीनी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। औरंगाबाद में एक अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापा मारकर सिम बॉक्स बरामद किया गया, जबकि राज्य में 12 स्थानीय कॉल सेंटर भी पकड़े गए।
ऑपरेशन प्रहार और हेली: डिजिटल मोर्चे पर निर्णायक कार्रवाई
– ऑपरेशन प्रहार के तहत 65 साइबर अपराधियों पर देशभर में कार्रवाई।
– ऑपरेशन हेली के तहत 150 वेबसाइट, 150 व्हाट्सएप नंबर, बैंक खाते और सैकड़ों फेसबुक/इंस्टाग्राम विज्ञापन ब्लॉक।
– साइबर थाना देहरादून और उधमसिंहनगर ने OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक, फेक ट्रेडिंग ऐप और UPI ठगी जैसे मामलों में 20 से अधिक केस सुलझाए।
अभियोगों में सटीकता और न्याय की गति
उत्तराखंड पुलिस ने औसतन 87% आरोपियों को चार्जशीट किया — जो राष्ट्रीय औसत 33.9% से कहीं अधिक है। दोषसिद्धि दर 64.7% रही, जो देश के औसत 27.2% से दोगुनी है। यह दर्शाता है कि राज्य पुलिस न केवल अपराधियों को पकड़ रही है, बल्कि उन्हें न्याय के कटघरे तक भी पहुंचा रही है।
जनजागरूकता की नई पहल: अक्टूबर बना साइबर सुरक्षा माह
उत्तराखंड पुलिस ने अक्टूबर को साइबर अपराध जनजागरूकता माह घोषित किया है। इस दौरान कॉल सेंटरों की चेकिंग, जागरूकता अभियान और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
DSCI की मान्यता: उत्तराखंड साइबर इकाई देश की शीर्ष तीन में
डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) ने उत्तराखंड साइबर को 2024 में देश की शीर्ष तीन साइबर इकाइयों में स्थान दिया है — यह राज्य की तकनीकी दक्षता और सतत प्रयासों का प्रमाण है।
उत्तराखंड पुलिस का यह डिजिटल प्रहार न केवल अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा और विश्वास भी लौटा रहा है। साइबर अपराध के इस दौर में उत्तराखंड एक उदाहरण बनकर उभरा है — सतर्क, सशक्त और संकल्पित।

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