उत्तराखंड कर विभाग के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर की एक घंटे की गेट मीटिंग

देहरादून : उत्तराखंड राज्य कर मंत्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन के तीसरे चरण के तहत आज एक घंटे की गेट मीटिंग कर विरोध जताया। कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यबहिष्कार कर मुख्यालय सहित प्रदेशभर में सरकार के रवैये के खिलाफ आवाज उठाई।

यह विरोध लगातार जारी है, जिसमें कर्मचारी पिछले ग्यारह दिनों से, यानी 06 अक्टूबर से, काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। हालांकि, आज उन्होंने पहली बार कार्यबहिष्कार का रास्ता अपनाया।

क्यों है विवाद?
कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि राज्य कर विभाग, जो राज्य के कुल राजस्व का 50% से अधिक योगदान देता है, के कर्मचारियों के ढांचे को वर्ष 2006-07 के बाद से दोबारा संगठित नहीं किया गया है। उनका कहना है कि इसके विपरीत, अधिकारियों के पदों में लगातार वृद्धि हुई है।

एसोसिएशन के अनुसार, वर्ष 2006-07 में अधिकारियों के 354 स्वीकृत पद थे, जबकि 2015-16 में 63 नए पद सृजित किए गए और 2024-25 में 16 नए कार्यालयों सहित 49 अतिरिक्त पद बनाए गए। इस तरह अब अधिकारियों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 481 हो गई है। वहीं, कर्मचारियों के पद अभी भी 20 साल पुराने आंकड़े, यानी 777 पर ही अटके हुए हैं।

कर्मचारियों का दावा है कि यह स्थिति सरकारी कार्यालयों की पिरामिड जैसी पदानुक्रम संरचना के बिल्कुल उलट है। उनके अनुसार, नियम यह है कि जब अधिकारियों के ढांचे में वृद्धि होती है, तो साथ-साथ कर्मचारियों के ढांचे में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए, जैसा कि अन्य विभागों और राज्यों में होता है।

बढ़ता कार्यभार और मानसिक दबाव
कर्मचारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लगभग 1 लाख से बढ़कर 2 लाख 13 हजार से अधिक हो गई है। इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं।

क्या हैं मांगें?
कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं:

· कर्मचारी ढांचे का पुनर्गठन।
· राज्य कर अधिकारियों की नई नियमावली बनाना।
· समय से पदोन्नति।
· कार्मिकों के लिए आवास की व्यवस्था।
· जीएसटी के तहत कार्यों के लिए बेहतर तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराना।

अगला कदम
दीपावली के बाद 25 अक्टूबर 2025 को एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक काशीपुर में होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक कर्मचारी प्रतिदिन एक घंटे का कार्यबहिष्कार जारी रखेंगे।

आज की गेट मीटिंग में प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, सलाहकार मनमोहन नेगी, प्रांतीय संरक्षक भरत सिंह राणा सहित मुख्यालय शाखा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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