देहरादून। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2023 के नतीजों ने उत्तराखंड का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है। प्रदेश की दो प्रतिभाशाली बेटियों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न सिर्फ सफलता हासिल की, बल्कि देवभूमि के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा भी पैदा की है।
किच्छा निवासी शांभवी तिवारी ने पूरे देश में 46वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है, वहीं टिहरी जिले की बेटी मीनल नेगी ने 66वीं रैंक अर्जित कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा का कोई भूगोल नहीं होता। इन दोनों विद्यार्थियों की इस असाधारण सफलता पर प्रदेश के मुखिया ने स्वयं उनसे संपर्क कर उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शांभवी और मीनल को फोन कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने दोनों छात्राओं से उनकी तैयारी के तौर-तरीकों और आगे की योजनाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि सिर्फ आप दोनों की नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखंड की है। आपने यह साबित कर दिया है कि मंजिल उन्हें ही मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है।”
सीएम धामी ने कहा कि सीमित संसाधनों और छोटे शहरों में रहकर भी प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय स्तर की सबसे कठिन परीक्षाओं में बाजी मार रही हैं, यह उत्तराखंड की बेटियों के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है।
शांभवी तिवारी (46वीं रैंक) और मीनल नेगी (66वीं रैंक) की यह सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर युवतियों के लिए एक मिसाल बन गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये दोनों छात्राएं आईएएस/आईपीएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
दोनों सफल छात्राओं के घरों में खुशी का माहौल है। परिजनों और शिक्षकों ने उनकी इस सफलता पर गर्व जताया है। वहीं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इन बेटियों को बधाई देने का सिलसिला जारी रखा है। इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह स्थापित कर दिया है कि उत्तराखंड की माटी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है सही मार्गदर्शन और हौसले की।

Recent Comments