परिजनों की मांग पर सीबीआई जांच की उठी मांग
देहरादून। उत्तरकाशी के पत्रकार एवं यूट्यूबर राजीव प्रताप सिंह की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में होने के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। पत्रकार के परिजनों ने आशंका जताई है कि उनकी हत्या की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पत्रकार राजीव प्रताप सिंह एक जुझारू और खोजी पत्रकार थे, जो लगातार सिस्टम की खामियों को उजागर करते थे। उन्होंने कहा कि दिवंगत पत्रकार की पत्नी के अनुसार, राजीव को हाल के दिनों में धमकियां मिल रही थीं। उनसे कहा जा रहा था कि वे अपनी रिपोर्टिंग को डिलीट करें और कुछ विषयों पर लिखना बंद कर दें।
धस्माना ने आरोप लगाया कि राजीव प्रताप सिंह विशेष तौर पर सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं, डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाहियों तथा मरीजों की परेशानियों को लगातार उजागर कर रहे थे। यही वजह थी कि उन्हें दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “मोदी शासन में यह खतरनाक प्रवृत्ति शुरू हुई है कि जो भी नीतियों, जनविरोधी निर्णयों और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाएगा, उसे धमकाकर या फिर किसी न किसी तरीके से चुप करा दिया जाएगा। संभवतः उत्तराखंड में भी राजीव का यही हश्र हुआ।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी राजीव प्रताप सिंह की मौत की सीबीआई जांच की मांग करती है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार और पुलिस इस मामले की सच्चाई सामने लाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतती है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

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