उत्तरकाशी: सहकारिता विभाग की कार्यशैली पर जिलाधिकारी की सख़्त नज़र

घाटे में चल रही समितियों को लाभ में लाने और कीवी किसानों को बाज़ार उपलब्ध कराने के निर्देश

उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली में आमूलचूल सुधार का संकेत देते हुए गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में साफ़ तौर पर कहा कि जिन न्याय पंचायत सचिवों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एआर कोऑपरेटिव को तत्काल प्रभाव से सचिवों के कार्यों का गहन आकलन कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान सहकारी समितियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि घाटे में चल रही समितियों को लाभ के पथ पर लाने के लिए एक ठोस और विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहकारिता विभाग का उद्देश्य केवल संचालन करना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से व्यवहार्य इकाइयाँ खड़ी करना है।

किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी आर्य ने निर्देश दिए कि शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे। इसके लिए एक विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए।”

जिलाधिकारी ने जिले में कीवी उत्पादन कर रहे किसानों के लिए बाजार उपलब्ध कराने और उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कीवी की प्रोसेसिंग के लिए एक यूनिट स्थापित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। इस कदम से कीवी किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने और उसके संरक्षण की उम्मीद जगी है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, एआर कोपरेटिव प्रियंका सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेते हुए विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी रणनीति पर चर्चा की।

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