कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन राष्ट्रीय डेंटल कमीशन के शीर्ष बोर्ड में नियुक्त, देश को मिला दूरदर्शी नेतृत्व

“डेंटिस्ट्री अब आख़िरी व्यक्ति तक पहुंचेगी” — डॉ ऐरन का संकल्प, स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत

 देहरादून(आरएनएस)।  देश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में गठित राष्ट्रीय डेंटल कमीशन (NDC) में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन को डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड में होल पूर्ण कालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाना न केवल उनके व्यक्तिगत उत्कृष्टता का प्रतीक है।  यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत सरकार डेंटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप, पारदर्शी और गुणवत्ता-आधारित बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है, और इस परिवर्तन के केंद्र में अब डॉ. ऐरन जैसे अनुभवी, दूरदर्शी और सिद्ध नेतृत्वकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी पर प्रेस से बातचीत करते हुए प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा कि “यह केवल एक पद नहीं, बल्कि देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। मेरी प्राथमिकता होगी कि डेंटल स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। हम ऐसी व्यवस्था विकसित करेंगे, जिसमें हर नागरिक को सुलभ, किफायती और उच्च स्तरीय डेंटल केयर मिल सके।” उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था के माध्यम से भारत डेंटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करेगा।

डॉ. ऐरन की यह उपलब्धि उनके तीन दशक से अधिक के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और शिक्षा एवं शोध के प्रति समर्पण का परिणाम है। हालांकि इससे पूर्व भी उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं  जिनमें प्रोस्थोडोंटिक्स ऑफ़ द  ईयर 2013, 2015,  आउटस्टैंडिंग अकादमिशियन अवार्ड 2014 , आईसीडी अवार्ड 2014, 2015, उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा हिमरत्न अवार्ड  तथा भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा प्रोजेक्ट आरोग्य के लिए मिले सम्मान प्रमुख हैं। इतना ही नहीं, उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा शोध क्षेत्र में योगदान के लिए भी सराहा गया है।

राष्ट्रीय डेंटल कमीशन के गठन के साथ ही देश में एक नई, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू हो रही है, जिसका उद्देश्य डेंटल शिक्षा, संस्थागत मूल्यांकन और स्वास्थ्य सेवाओं को उच्चतम गुणवत्ता तक ले जाना है। ऐसे में प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की नियुक्ति इस पूरे परिवर्तन को गति देने वाली एक सशक्त कड़ी के रूप में उभर रही है।आने वाले समय में डॉ. ऐरन के नेतृत्व में डेंटल शिक्षा और सेवाओं का विस्तार देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की पूरी उम्मीद है।

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