देहरादून, 23 दिसंबर। उत्तराखंड के सुर्खियों में रहे अंकिता भंडारी हत्याकांड में नए आरोपों और खुलासों के बीच प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का पुतला दहन किया और गंभीर आरोप लगाए।
इस कार्रवाई का कारण हत्याकांड से जुड़े दो नए दावे बताए जा रहे हैं। पहला, भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा घटना में शामिल वीआईपी का नाम दुष्यंत गौतम उर्फ ‘गट्टू’ बताया जाना। दूसरा, भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा यह आरोप कि हत्याकांड स्थल ‘वनंतरा रिसॉर्ट’ पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर साक्ष्य मिटाने के लिए बुलडोजर चलवाया गया।
ज्योति रौतेला ने इन खुलासों को आधार बनाते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि अंकिता हत्याकांड में भाजपा का राज्य और शीर्ष नेतृत्व शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस ने जानबूझकर मामले को उलझाने का काम किया और ‘वीआईपी’ की पहचान छिपाई। रौतेला ने पूछा कि पुलिस द्वारा ‘वीआईपी रूम’ की बात क्यों की गई, जबकि पीड़िता के चैट से ‘वीआईपी व्यक्ति’ का जिक्र था।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर कार्रवाई में पुलिस ने इतनी तत्परता क्यों दिखाई, जबकि दोषियों को पकड़ने में नाकाम रही। पुलिस के ट्विटर हैंडल से की गई एक स्वीकारोक्ति को हटाने और पूर्व पुलिस महानिदेशक व पीड़िता के पिता की बातचीत के ऑडियो के लीक होने को भी गंभीर मुद्दा बताया।
रौतेला ने मांग की कि पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री धामी को जनता के सामने सफाई देनी चाहिए और बताना चाहिए कि आरोपी ‘गट्टू’ कौन है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस बलात्कारियों के संरक्षक की भूमिका में नहीं, बल्कि जनता के सेवक की भूमिका में काम करें।
इस प्रदर्शन में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा सहित कई अन्य महिला कांग्रेस पदाधिकारी शामिल थीं।


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