देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘डबल इंजन’ सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा सांसद अनिल बलूनी के वायरल हो रहे एक वीडियो और बयानों का हवाला देते हुए कहा है कि भाजपा का ‘डबल इंजन’ अब एक दिशा में नहीं, बल्कि दो अलग-अलग दिशाओं में चल रहा है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने जारी बयान में कहा कि जिस तरह से सांसद अनिल बलूनी का वीडियो सामने आया है, उसमें वे बेहद असहाय और असमर्थ नजर आ रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद, एक वरिष्ठ सांसद को विदेश मंत्री से मुलाकात करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “यह बड़े शर्म की बात है कि सांसद महोदय की पूरी सांसद निधि खर्च हो जाने के बाद भी गढ़वाल में प्रस्तावित दूसरे पासपोर्ट ऑफिस की फाइल कहां अटकी है, इसका उन्हें खुद पता नहीं है। जब अपनी ही पार्टी की सरकार में उन्हें मंत्रियों और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विपक्ष के सांसदों को अपने क्षेत्रों में काम करवाने के लिए किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और पार्टी पूरी तरह से गुटबाजी का शिकार हो चुकी है। डॉ. सिंह ने कहा कि अनिल बलूनी का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल पूरी तरह खत्म हो चुका है।
उन्होंने पार्टी के आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए कहा:
खनन माफिया और एसआईटी (SIT): कभी भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री अपनी सरकार को ‘खनन माफिया’ करार देते हैं और सदन के माध्यम से अपनी ही सरकार के खिलाफ एसआईटी (SIT) जांच की मांग करते हैं।
सड़कों पर विधायक: कभी सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आते हैं।
धामी बनाम संगठन: पूर्व मुख्यमंत्री संगठनात्मक निर्णयों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सवाल उठाते हैं।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि खुद को अनुशासित कहने वाली भाजपा अब खुलकर अनुशासनहीनता को नजरअंदाज़ कर रही है, क्योंकि मामला मुख्यमंत्री धामी की कुर्सी बचाने का है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सांसद अनिल बलूनी और मुख्यमंत्री धामी के बीच का ‘शीत युद्ध’ अब किसी से छिपा नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल दागा कि आखिर वह कौन सी शक्ति है जो नहीं चाहती कि गढ़वाल में पासपोर्ट दफ्तर खुले और उसका श्रेय अनिल बलूनी को मिले?

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