

देहरादून। लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘हरित दून अभियान’ का शुभारम्भ किया। कैनाल रोड स्थित चिड़ोवाली क्षेत्र से शुरू हुए इस अभियान के तहत अगले एक वर्ष में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का शुभारम्भ एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने पौधरोपण कर किया।
इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि “हम केवल पेड़ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य लगा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और जीवन दर्शन का पर्व है तथा ‘हरित दून अभियान’ का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनके जीवित रहने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत शहर के सार्वजनिक स्थलों, सड़कों के किनारे, पार्कों, संस्थानों तथा खाली पड़ी भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय समुदाय और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि जनभागीदारी के माध्यम से इसे जनआंदोलन बनाया जा सके।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अभियान के दौरान पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखरेख और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे प्रत्येक पौधा भविष्य में एक मजबूत वृक्ष बन सके।
संयुक्त सचिव राकेश तिवारी ने कहा कि हरेला प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का पर्व है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही ‘हरित दून अभियान’ सफल होगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी रही। स्थानीय लोगों ने एमडीडीए की इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यदि पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया गया तो आने वाले वर्षों में देहरादून और अधिक हराभरा, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बन सकेगा।

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