खरमास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य ? जानें क्या‑क्या टालना चाहिए

हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास की शुरुआत होती है। यह अवधि लगभग एक महीने तक रहती है और इस दौरान धार्मिक एवं धार्मिक कार्य करना बंद कर दिया जाता है। इस साल भी 15 जनवरी तक खरमास प्रभावी रहेगा। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में शुभ कार्य के फल के रूप में प्राप्त नहीं होता है, इसलिए लोग नए काम शुरू करने से बचते हैं। आइए जानें कि खरमास के दौरान किन चीजों को करना अशुभ माना जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्य की शुरुआत से लेकर संस्कार
खरमास के दौरान विवाह-विवाह, लग्न, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्य पूरी तरह से अलग हो जाते हैं। परंपरा के अनुसार इस समय सूर्य में मंदी की स्थिति होती है, जिससे नवयुवक कार्य का शुभ फल बाधित हो सकता है। इसका कारण यह है कि इस अवधि में शादी की जो धारियां नहीं दिखतीं और लोग नए स्टाइल तय करने से भी सहमत होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि जब ग्रह-नक्षत्र अनुकूल स्थिति में हो तो शुभ कार्य का फल भी मिलता है।

नए वाहन, संपत्ति या बड़े निवेश से दूरी
हरमास में नए वाहन, घर, जमीन या कोई बड़ा निवेश करना भी शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान खरीदारी आर्थिक दबाव या मंदी का कारण बन सकती है। इसलिए ज्यादातर लोग नई गाड़ियाँ या सामान के सामान सेव कर लेते हैं। व्यापार में नए प्रोजेक्ट की शुरुआत या डील भी आम तौर पर हरमास के बाद ही होती है ताकि सफलता का अवसर अधिक बड़ा बन जाए।

पूजा-पाठ, दान और धार्मिक समागम का महत्व
खरमास को भी शुभ कार्यों के लिए माना जाता है, लेकिन यह काल आध्यात्मिक साधना और दान-पुण्य के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इस दौरान लोग ब्रह्मा, विष्णु और सूर्य की आराधना करते हैं। व्रत, जप, ध्यान और सत्संग जैसे प्लास्टिक सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस समय किया गया दान कई गुना फल देता है और मन को शांति प्रदान करता है।

खरमास का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
धार्मिक गुरुओं के अनुसार खरमास वह अवधि है जब देवतागण विश्राम करते हैं और पृथ्वी पर शुभ कर्मों की ऊर्जा कम होती है। इसलिए लोग कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह समय मौसम परिवर्तन और ऊर्जा के अनुरूप होता है, जिससे नई परियोजना या योजना में बाधा आ सकती है। यही कारण है कि पारंपरिक वैज्ञानिक आज भी व्यवहारिक रूप से सार्थक सेवाएं प्रदान करते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)
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