

SIR को राजनीतिक रंग देकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही कांग्रेस – भाजपा
देहरादून । भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस विशेष वर्ग की सहानुभूति और वोट बैंक की राजनीति के लिए SIR जैसी संवैधानिक निर्वाचन प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस द्वारा भाजपा पर फर्जी आपत्तियां लगवाने का आरोप पूरी तरह निराधार है।
बंसल ने कहा कि SIR कोई राजनीतिक अभियान नहीं है। यह मतदाता सूची के पुनरीक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया है। इसमें BLO, ERO और अन्य निर्वाचन अधिकारी तय नियमों के तहत मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करते हैं। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। निर्वाचन आयोग ने भी इसे सभी हितधारकों की भागीदारी वाली प्रक्रिया बताया है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया तय समयसीमा के अनुसार चल रही है।
तरुण बंसल ने कहा कि यदि कांग्रेस को किसी आपत्ति पर संदेह है तो उसे तथ्यात्मक परीक्षण के लिए निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष रखना चाहिए। लेकिन कांग्रेस हर प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देकर भ्रम फैला रही है।
उन्होंने पूछा कि उत्तराखंड की मतदाता सूची में ऐसे नाम कैसे हैं जो उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की सूची में भी दर्ज हैं। हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल में सत्यापन के दौरान एक ही व्यक्ति की प्रविष्टियां अलग-अलग स्थानों पर मिलने की बात सामने आ रही है। बंसल ने कहा कि ऐसे मामलों का परीक्षण दस्तावेजों और निर्वाचन नियमों के आधार पर होना चाहिए, न कि राजनीतिक चश्मे से।
“यदि कांग्रेस वास्तव में निष्पक्ष मतदाता सूची चाहती है तो दोहरी प्रविष्टियों और संदिग्ध रिकॉर्ड पर भी उतनी ही मुखर क्यों नहीं है? क्या कांग्रेस को केवल उन्हीं आपत्तियों पर राजनीति करनी है जिनसे उसका वोट बैंक प्रभावित होने का डर है?” – बंसल ने सवाल उठाया।
बंसल ने कहा कि Form-7 के जरिए नाम हटाने और Form-8 के जरिए प्रविष्टि में सुधार की वैधानिक प्रक्रिया पहले से मौजूद है। भाजपा का मानना है कि “एक व्यक्ति, एक वैध मतदाता प्रविष्टि और पारदर्शी मतदाता सूची” लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। मतदाता सूची की शुद्धता किसी दल का हित नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस निर्वाचन अधिकारियों पर अनैतिक दबाव बनाने और तथ्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल और बिहार का उदाहरण देते हुए बंसल ने कहा कि वहां भी कांग्रेस ने मतदाता सूची पुनरीक्षण को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया।
अंत में उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी वर्ग को हटाना या जोड़ना नहीं, बल्कि पात्र मतदाताओं की सही पहचान कर सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। कांग्रेस को भ्रम और तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसे दोहरी मतदाता प्रविष्टियों की जांच से आखिर परेशानी क्या है।

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