प्रधानमंत्री मोदी के बचपन और स्वामी विवेकानंद के दर्शन पर आधारित फिल्म ने छात्रों में सेवा, संवेदना और सकारात्मक सोच का संचार किया
देहरादून(PIB)पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, आईएमए देहरादून में शुक्रवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन और स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित लघु फिल्म ‘चलो जीते हैं’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। लगभग 30 मिनट की इस फिल्म ने विद्यार्थियों को समाज सेवा, संवेदनशीलता और जीवन के उद्देश्य को लेकर गहराई से सोचने की प्रेरणा दी।
प्रधानाचार्य मामचन्द ने फिल्म के बाद कहा, “जीवन का असली उद्देश्य केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि दूसरों की सेवा करना और समाज के लिए समर्पित रहना है। यह फिल्म हमें सिखाती है कि छोटी उम्र में भी बड़ा बदलाव संभव है, यदि हम संवेदनशीलता और संकल्प के साथ आगे बढ़ें।”
स्क्रीनिंग के बाद छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए:
– अनुवेशा तोपाल ने कहा, “व्यक्ति छोटा-बड़ा नहीं होता, उसके विचार बड़े होते हैं। यह फिल्म अत्यंत प्रेरणादायक है।”
– कृष्ण कौर तलवार ने कहा, “समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सफलता है।”
– सौम्या ने कहा, “यह डॉक्यूमेंट्री हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।”
– गौतम्या ने कहा, “छोटी उम्र में भी बड़े सपने और विचार समाज के लिए कुछ करने की राह दिखा सकते हैं।”
विद्यालय परिसर में आयोजित इस स्क्रीनिंग ने विद्यार्थियों के बीच सेवा भावना, जिम्मेदारी और प्रेरणा का नया संदेश प्रसारित किया।
फिल्म ‘चलो जीते हैं’ देहरादून के आईनोक्स माल ऑफ देहरादून, पीवीआर सेंट्रियो माल, और पीवीआर पैसिफिक माल में 24 सितम्बर तक प्रदर्शित की जा रही है।

Recent Comments