
देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर पहली ही बारिश के बाद गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस के अनुसार, प्रधानमंत्री 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर चुके हैं, लेकिन कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सड़क के एक हिस्से पर बड़े गड्ढे दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि ये दावे सही हैं तो यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि देश में कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सड़क, पुल, हाईवे और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि जिस एक्सप्रेसवे को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही थी, उसी परियोजना को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में सड़क पर बड़े गड्ढे दिखाई देने और एक वाहन के फंसने का दावा किया जा रहा है। यदि यह तथ्यात्मक रूप से सही है तो इतनी बड़ी लागत वाली परियोजना के निर्माण मानकों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि कहीं निर्माण में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि देश को केवल उद्घाटन और प्रचार नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा चाहिए, ताकि जनता के धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। हालांकी खबर लिखे जाने तक संबंधित सरकारी एजेंसी, निर्माण संस्था या सरकार की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है।

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