डीएम सविन बंसल ने मौके पर निपटाए अधिकतर मामले; जीएमडीआईसी का वेतन रोका, सीमांत गांवों में नेटवर्क के लिए टावर लगाने की कवायद शुरू
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में दूर-दराज से आए लोगों की 151 शिकायतें सुनीं। इनमें भूमि विवाद, आर्थिक सहायता, पेंशन, और कब्जा विवाद जैसे मामले प्रमुख थे। जिलाधिकारी ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया और अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अहम फैसले और कार्रवाई
- टावर सीज: एग्रीमेंट खत्म होने और किराया न देने के बावजूद मोबाइल टावर न हटाने पर व्यथित बुजुर्ग सुशीला देवी की गुहार पर डीएम ने टावर को तत्काल सीज करने के आदेश दिए।
- गुंडा एक्ट: अपनी मां, परिजनों और मोहल्ले वालों का जीना दूभर करने वाले दिव्यकांत लखेडा के खिलाफ गुंडा एक्ट संस्थित करते हुए फास्ट-ट्रैक सुनवाई में वाद दर्ज किया गया। इसमें दोषी पाए जाने पर जिला बदर हो सकता है।

- पेंशन का भुगतान: बुड्डी गांव निवासी 8 माह से लंबित वृद्धावस्था पेंशन के एरियर सहित भुगतान के लिए समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए। आधार सीडिंग न होने के कारण बाबूलाल की पेंशन रुकी थी।
- वेतन रोका: जनता दर्शन में अनुपस्थित रहने और फोन न उठाने पर जीएमडीआईसी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया।
- नेटवर्क समस्या: सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों की नेटवर्क समस्या दूर करने के लिए डीएम ने मोबाइल टावर लगाने की कवायद शुरू करने के निर्देश दिए।
- इलाज और सहायता: फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हाथीबड़कला निवासी व्यक्ति और किडनी की बीमारी से जूझ रही गरीब रीतू के निशुल्क इलाज व आर्थिक सहायता के निर्देश दिए गए। रीतू को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

- आधार कार्ड: असहाय 62 वर्षीय बुजुर्ग डेन्डो देवी का आधार कार्ड प्राथमिकता पर बनवाने के निर्देश दिए गए, जिससे उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
जनता दरबार में अपनी भूमि पर कब्जा मिलने और सीमांकन होने पर 75 वर्षीय बुजुर्ग राकेश तलवाड़ ने जिलाधिकारी को प्रसन्न मन से आशीर्वाद दिया। इसके अलावा, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण और ऑनलाइन एफआईआर से जुड़े कई अन्य मामलों का भी निस्तारण किया गया।

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