देहरादून। वेस्टर्न डिजिटल में मिडिल ईस्ट एशिया एवं भारत के लिए डायरेक्टर ऑफ सेल्स, ओवैस मोहम्मद के मुताबिक भारतीय रेल दुनिया के सबसे अधिक व्यस्त जन परिवहन नेटवर्क्स में से एक है, जिसके माध्यम से वित्तवर्ष 2025 में 7 बिलियन से अधिक मुसाफिरों ने यात्रा की। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को ले जाने वाली भारतीय रेल की सुरक्षा सुनिश्चित करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का समाधान अब भारत ए.आई पॉवर्ड स्मार्ट वीडियो की मदद से कर रहा है। रेल मंत्री ने भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए 11,000 से अधिक कोचों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की घोषणा की है। इसके अगले चरण में 74,000 कोचों और 15,000 लोकोमोटिव्स में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
वीडियो एनालिटिक्स और एनोमेली डिटेक्शन जैसी टेक्नोलॉजी की मदद से भारतीय रेल का बहुत तेजी से विकास किया जा रहा है। ए.आई आधारित वीडियो टेक्नोलॉजी इसे ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित बना रही है। रेलवे में सुरक्षा पाँच मुख्य फीचर्स द्वारा सुनिश्चित की जा रही हैः जबरदस्त विस्तार, विशाल डेटाः इतने व्यापक स्तर पर सर्वियलेंस वीडियो के लिए हर माह बहुत अधिक मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है। केवल एक ए.आई इनेबल्ड 4के कैमरा, जो 90 दिनों के रिटेंशन रेट के साथ 24 एफपीएस पर 24 घंटे रिकॉर्डिंग करता है, वह 363 टेराबाईट तक डेटा का निर्माण कर सकता है। भुवनेश्वर जैसे शहरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 1,500 अतिरिक्त ए.आई कैमरा स्थापित किए जा रहे हैं। इसलिए यह स्पष्ट है कि विश्वसनीय हाई-कैपेसिटी सर्वियलेंस स्टोरेज के बिना ये स्थानीय डेटा पाईपलाईन ठप्प हो जाएंगी। इनके लिए स्मार्ट वीडियो के लिए डिज़ाईन की गई पर्पज़-बिल्ट हार्ड डिस्क ड्राईव आवश्यक हैं, जो फ्रेम-ड्रॉपिंग को कम करके एक साथ सैकड़ों स्ट्रीम्स में सुगम रिकॉर्डिंग संभव बनाती हैं।
ए.आई आधारित इंटैलिजेंस के लिए विश्वसनीय रिटेंशन जरूरी हैः ए.आई पॉवर्ड वीडियो एप्लीकेशंस के लिए हाई-डेफिनिशन डिटेल और एक्युरेसी बहुत महत्वपूर्ण है। सबसे अच्छी क्वालिटी के वीडियो के लिए सर्वियलेंस कैमरों को 1080पी से 4के या उससे अधिक के रिज़ॉल्यूशन में अपग्रेड करना होगा। ज्यादा स्पष्ट डिटेल्स के लिए मल्टी-सेंसर फीड का उपयोग करना होगा। लेकिन ज्यादा रिज़ॉल्यूशन पाने के लिए स्टोरेज की जरूरत सात गुना तक बढ़ सकती है। इसके अलावा, 4के वीडियो सर्वियलेंस बाजार द्वारा 13.8 प्रतिशत की सीएजीआर के साथ बढ़कर साल 2033 तक 45.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाने का अनुमान है। इसलिए स्केलेबल, सर्वियलेंस के लिए अनुकूलित ड्राईव्स बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं ताकि ए.आई विवरण को सटीक और तीव्र बनाकर रखा जा सके।
ऑलवेज़-ऑन सर्वियलेंस के लिए ऑलवेज़-ऑन स्टोरेज आवश्यक हैः कमांड सेंटर डाउनटाईम या करप्ट फुटेज का जोखिम नहीं उठा सकते। कुछ सेकंड का डेटा खोने पर भी जान का जोखिम हो सकता है, सुरक्षा में सेंध लग सकती है और इमरजेंसी के हालात में महत्वपूर्ण डिसीज़न-मेकिंग में बाधा उत्पन्न हो सकती है। खतरों की निगरानी, संकट काल में कार्रवाई या फिर सबूतों की रक्षा के दौरान एक-एक फ्रेम महत्वपूर्ण होता है। निरंतर हाई-राईट या क्रमबद्ध वर्कलोड के लिए निर्मित स्टोरेज पीक लोड के दौरान भी बिना किसी फ्रेम ड्रॉप के लगातार मॉनिटरिंग संभव बनाता है। उदाहरण के लिए, ऑलफ्रेम टेक्नोलॉजी सपोर्ट के साथ डब्लूडी पर्पल और डब्लूडी पर्पल प्रो एचडीडी 64 कैमरों और 32 ए.आई स्ट्रीम्स तक को एक साथ सपोर्ट करते हैं, जिससे महत्वपूर्ण कंट्रोल रूम्स में सुगम रिकॉर्डिंग और प्लेबैक सुनिश्चित होते हैं।

Recent Comments