लखनऊ 5 फरवरी (आरएनएस ) उत्तर प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए मनरेगा साइटों पर नागरिक सूचना बोर्ड (सीआईबी बोर्ड) लगाने का कार्य कर रही हैं। ये बोर्ड मनरेगा योजनाओं में किए गए कार्यों का पूरा विवरण प्रदर्शित करते हैं और इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि स्वावलंबन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही हैं।ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष 2023-24 में प्रदेश में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1100 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की 5000 से अधिक महिलाओं ने कुल 5 लाख नागरिक सूचना पट्टिका (ष्टढ्ढक्च) का निर्माण किया। वहीं, इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 5465 महिलाओं ने लगभग 3.76 लाख ष्टढ्ढक्च बोर्ड बनाए हैं। इन बोर्डों के निर्माण से महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ उनमें उद्यमिता की भावना भी विकसित हो रही है।शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मनरेगा योजनाओं में उपयोग होने वाले सभी सीआईबी बोर्डों की आपूर्ति 100 प्रतिशत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। कार्यस्थल पर बोर्डों के निर्माण के लिए संबंधित समूहों को समय पर एडवांस आदेश दिए जाते हैं, ताकि सभी कार्य स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुसार सीआईबी बोर्ड स्थापित किए जा सकें।इस प्रयास से न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि उन्हें स्वावलंबन की दिशा में भी प्रेरणा मिल रही है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कदम
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