सरकार प्रशासन को है सैनिकों के बलिदान का गहरा एहसास: डीएम

वीर माताओं और वीरांगनाओं के लिए खुशखबरी, अब नहीं करनी होगी बैंकों की परिक्रमा


देहरादून, 8 फरवरी 2025: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला सैनिक परिषद की त्रैमासिक बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं का समाधान करने के लिए दृढ़ संकल्प की पुष्टि की गई। डीएम ने कहा कि “सैनिक हमारे राज्य की शान हैं और सरकार प्रशासन को उनके बलिदान का गहरा एहसास है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सैनिकों की समस्याओं का हर संभव समाधान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन समस्याओं का निस्तारण जिला स्तर पर संभव है, उन्हें तुरंत सुलझाया जाएगा, जबकि जिन मामलों में शासन से निर्णय आवश्यक है, उसके लिए शीघ्र पत्राचार किया जाएगा।

एक महत्वपूर्ण राहत के अंतर्गत, डीएम ने वीर माताओं और वीरांगनाओं के पेंशन सत्यापन को अब साल में केवल एक बार कराने का निर्देश दिया। इससे पहले उन्हें हर तीन माह में बैंकों के चक्कर लगाना पड़ता था।

इसके अलावा, एयरपोर्ट पर सैनिकों के लिए विश्रामगृह की मांग पर उन्होंने शासन को पत्राचार करने का आश्वासन दिया। वीरांगना के साथ हुए भूमि फ्रॉड के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए सैनिक कल्याण अधिकारी को एसएसपी कार्यालय भेजा गया है।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों की पेंशन, चिकित्सा सेवाएं, रोजगार के अवसर, पुनर्वास तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित समस्याओं के प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया, साथ ही सैनिकों के सुझावों को ध्यान से सुनने का भी उल्लेख किया।

इस बैठक में प्रशासन की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए डीएम ने कहा कि सैनिकों, आश्रितों, वीर माताओं और वीरांगनाओं की समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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