देहरादून,18फरवरी2025(आरएनएस)उत्तराखंड की विधानसभा का बजट सत्र आज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से प्रारंभ होगा। इस महत्वपूर्ण सत्र में 20 फरवरी को 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा, जो एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित है। इस सत्र में विधायकों ने 521 प्रश्न उठाए हैं, और विपक्ष ने सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरने की योजना बनाई है। विधानसभा के अंदर और बाहर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
सत्र का मुख्य कार्यक्रम
आज सुबह 11 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे शुरू होगी। इस बजट सत्र में सरकार की ओर से आधा दर्जन से अधिक विधेयक पेश होने के साथ-साथ कई अध्यादेश भी विधानसभा में रखे जाएंगे। खास बात यह है कि यह सत्र पहली बार ई-नेवा (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) प्रणाली के तहत संचालित होगा, जिससे सदन की प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस होगी।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष ने भूकानून, मूल निवास, और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को सड़क से सदन तक घेरने की योजना बनाई है। भाजपा ने भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की योजना बनाई है, जिससे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस होने की संभावना है।
समय सीमा और प्रस्तावित विधेयक
बजट सत्र का संचालन 18 से 24 फरवरी तक होगा। राज्य सरकार द्वारा दो विधेयक और तीन अध्यादेश सदन में पेश किए जाएंगे, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण हैं:
- उत्तराखंड नगर निकायों तथा प्राधिकरणों के लिए विशेष प्राविधान (संशोधन) विधेयक 2025
- उत्तराखंड निक्षेपक जमाकर्ता हित संरक्षण (वित्तीय अधिष्ठानों में) निरसन विधेयक 2025
अध्यादेशों में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय अध्यादेश-2024 और कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्यमंत्री की बातें
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील की है। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उनकी टीम हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और बजट सत्र के दौरान सभी महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विपक्ष की अपेक्षाएं
यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष, ने वार्ता में सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है ताकि सभी जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो सके। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से सत्र की अवधि को कम करके सरकार जनता के मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है।
इस बजट सत्र में सभी विधायकों की सक्रिय भागीदारी और विचार-विमर्श के साथ-साथ राज्य के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। यह सत्र न केवल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाएगा, बल्कि उत्तराखंड की टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ते कदमों को भी प्रदर्शित करेगा। देंखना है कि यह सत्र किस दिशा में आगे बढ़ता है और जनता के लिए क्या नई संभावनाएं लेकर आता है।

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