

लखनऊ 19 फरवरी (आरएनएस ) राजधानी लखनऊ में बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आठ प्रांतों के अध्यक्ष, प्रकोष्ठ अध्यक्षों समेत सभी जिलाध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान, कार्यकर्ता सम्मेलनों और देश के प्रमुख मुद्दों पर संघर्ष जैसे विषयों पर चर्चा की गई। सांसद संजय सिंह ने घोषणा की कि 23 मार्च 2025 को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पुण्यतिथि और डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर लखनऊ में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर कार्यकर्ता सम्मेलन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 14 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी की ओर से एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी।संजय सिंह ने बैठक के दौरान भारतीय संविधान पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर किया जा रहा है और देश को नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा है। उन्होंने इस राजनीतिक माहौल के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का संकल्प लिया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस उर्दू भाषा के विकास में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, उसी भाषा के खिलाफ मुख्यमंत्री बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के हालिया भाषण का हवाला देते हुए कहा कि उनके भाषण में ही नौ बार उर्दू के शब्दों का इस्तेमाल हुआ, जिससे उनका दोहरा रवैया उजागर होता है।संजय सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषणों में उर्दू पर हमला करने के अलावा उत्तर प्रदेश की असल समस्याओं पर बात नहीं की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोकसभा में दिए गए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के बयान का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि पिछले आठ महीनों में लगभग आठ लाख बच्चों ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ये बच्चे केवल उर्दू पढऩे के लिए स्कूल नहीं जाते, बल्कि विज्ञान, संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी और गणित भी पढ़ते हैं, फिर भी सरकार उनकी शिक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं दिखा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की धर्म और जाति की राजनीति असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथकंडा मात्र है।सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर महाकुंभ में हुई अव्यवस्थाओं को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में लचर प्रबंधन के कारण कई लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया और इस पर सरकार की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि महाकुंभ के दौरान गंगा का पानी नहाने योग्य भी नहीं था, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि महाकुंभ में हुई अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।इस बैठक में संगठन की मजबूती और जनता के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की रणनीति बनाई गई। आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में वह उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाएगी और जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएगी।

Recent Comments