विकसित भारत वर्ष 2047  विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न, अधिकारियों को मिला नेतृत्व और सकारात्मक सोच का प्रशिक्षण

लखनऊ 6 मार्च (आरएनएस )। उप मुख्यमंत्री नव्व केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में सरकारी और अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को अधिक दक्ष और सक्षम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में संस्थान द्वारा विकसित भारत ञ्च 2047: इथिक्स, वैल्यूज एंड मोटिवेशन फॉर ट्रांसफार्मेशन” विषय पर तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।4 मार्च से 6 मार्च 2025 तक आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन संस्थान के ट्रांसफार्मेशन भवन के बुद्धा सभागार में किया गया। कार्यशाला का संचालन महानिदेशक नव्व एल. वेंकटेश्वर लू के निर्देशन एवं अपर निदेशक नव्व बी.डी. चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। इस कार्यक्रम में संस्थान के संकाय अधिकारियों, प्रदेश के 50 क्षेत्रीय/जिला ग्राम्य विकास संस्थानों के आचार्यों, जिला प्रशिक्षण अधिकारियों तथा अन्य राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 84 प्रतिभागियों ने भाग लिया।कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संस्थान के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में प्रमुख सचिव न्याय नव्व विनोद सिंह रावत और सेवानिवृत्त आई.पी.एस. अधिकारी बी.पी. अशोक की विशिष्ट उपस्थिति रही। आध्यात्मिक गुरु शचि ज्ञान पांडेय और राम कृष्ण गोस्वामी ने गीता दर्शन एवं कर्मयोग पर विशेष व्याख्यान दिया, जिससे प्रतिभागियों को नैतिकता और मूल्यों के महत्व को समझने का अवसर मिला।कार्यशाला के समापन सत्र में अपर निदेशक बी.डी. चौधरी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नेतृत्व क्षमता विकास, अभिप्रेरणा, सकारात्मक सोच, प्रभावशाली नीतियां, आत्मविश्वास, संवाद कला, टीम वर्क, तनाव प्रबंधन, नवाचार और रचनात्मकता, समय प्रबंधन जैसी विषय-वस्तुओं को शामिल किया गया। इन विषयों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिनमें से कई लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी, मसूरी, भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (ष्ठह्रक्कञ्ज) और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से संबद्ध रहे हैं।कार्यशाला में ज्ञानवर्धक व्याख्यान देने वाले प्रमुख वक्ताओं में इंद्रजीत मित्तल (मास्टर ट्रेनर, ष्ठह्रक्कञ्ज), प्रो. वी.वी. सिंह, राधा दीदी (ब्रह्मकुमारी मिशन), प्रो. स्वामी मधुसूदन (लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी, मसूरी), प्रो. पी.के. खत्री, प्रो. ए.के. भारती और शिखा त्रिपाठी (वरिष्ठ संकायाधिकारी, नाबार्ड) शामिल रहे।इस कार्यशाला के आयोजन एवं संचालन में डॉ. एस.के. सिंह (सहायक निदेशक), कुमार दीपक (सलाहकार), सुदेश कुमार (प्रशिक्षण सहायक), नव्व मोहम्मद शाहरूख (प्रशिक्षण सहायक) और मोहम्मद शहंशाह (प्रचार सहायक) का विशेष योगदान रहा।तीन दिवसीय इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में मदद की, बल्कि उन्हें नेतृत्व, नैतिकता और सकारात्मक कार्य संस्कृति की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम को अधिकारियों द्वारा बेहद उपयोगी बताया गया, जिससे शासन और प्रशासन में और अधिक प्रभावी परिवर्तन लाने की उम्मीद है।

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