
लखनऊ 12 मार्च (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न विकासपरक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का सृजन किया जा रहा है।इस योजना के तहत ग्रामीण अवस्थापना विकास से जुड़े कार्यों में खाद्य गोदाम (अन्नपूर्णा भवन) का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गांवों में ग्रामीण हाट बाजारों की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन के पास रूरल हाट बाजारों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज और उत्पादों को सीधे बेचने का अवसर मिलेगा। शासन स्तर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस योजना को शीघ्र लागू करें और ग्रामीण क्षेत्रों में हाट बाजारों के विकास को प्राथमिकता दें।सरकार ने यह तय किया है कि इन हाट बाजारों का संचालन राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और वे अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर सकेंगी। साथ ही, यह कदम छोटे और निर्धन किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होगा, क्योंकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए उचित स्थान मिलेगा और वे सीधे उपभोक्ताओं और थोक खरीदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और अन्य योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण हाट बाजारों का भौतिक बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बाजारों को सुविधायुक्त हाट बाजारों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पीने के पानी, शौचालय, दोपहिया वाहन पार्किंग, नाली, स्टोर और कार्यालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अन्य विभागों के सहयोग से अन्नपूर्णा भवनों के निकट रूरल हाट बाजारों के निर्माण के निर्देश सभी जिलों को जारी कर दिए गए हैं। यह बाजार न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगे, बल्कि किसानों और महिलाओं के लिए भी नए अवसर प्रदान करेंगे।राज्य सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय बाजारों को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इससे न केवल किसानों और महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र के विकास को भी नया आयाम मिलेगा।

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