हेमवती नंदन बहुगुणा को 36वीं पुण्यतिथि पर किया याद

देहरादून(आरएनएस)।   हिमालय पुत्र स्व.हेमवती नंदन बहुगुणा को उनकी 36वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। दून में कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और स्व.बहुगुणा के योगदान को याद किया। घंटाघर स्थित एमडीडीए काम्पलेक्स में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा ने ठेठ पहाड़ी परिवेश से निकलकर यूपी और देश की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को कोई नहीं भुला सकता। क्रांतिकारी छवि के कारण उन पर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था। देश की स्वतंत्रता के बाद वह मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय हो गए और एक श्रमिक नेता के रूप में उभरे। इसके बाद वह केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे और यूपी जैसे राज्य की कमान संभाली। धस्मान ने कहा कि स्व. बहुगुणा पूरे जीवन महात्मा गांधी के पूर्ण स्वराज के नारे के अनुरूप देश की जनता की सामाजिक आर्थिक उन्नति के लिए काम करते रहे। साथ ही उनके व्यक्तित्व में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संघर्षों की झलक भी नजर आती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमर सिद्दीकी और संचालन प्रमोद गुप्ता ने किया। इस मौके पर नगर निगम पार्षद संगीता गुप्ता, पार्षद अभिषेक तिवारी, सोम प्रकाश चौहान, आनंद सिंह पुंडीर, दिनेश कौशल, एसपी बहुगुणा, शाहिद, जसविंदर सिंह, ट्विंकल अरोड़ा, घनश्याम वर्मा, आदर्श सूद, प्रेम सागर, विवेक घिल्डियाल, अनुराग गुप्ता, कृष्णा बहुगुणा, अजय उनियाल, राजकुमार चौरसिया समेत अन्य मौजूद रहे।

संघर्षों की मिसाल था स्व. बहुगुणा का जीवन
पूर्व विधायक राजकुमार समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी स्व.हेमवती नंदन बहुगुणा को उनकी पुण्यतिथि पर एमडीडीए काम्पलेक्स स्थित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राजकुमार ने कहा कि स्व. बहुगुणा का नाम केवल एक राजनीति नेता तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक ऐसे युगदृष्टा थे, जिन्होंने शासन को जनकल्याण का माध्यम बनाया और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया। उनका जीवन दर्शन जाति, धर्म और क्षेत्रवाद की सीमाओं से परे था। वे समावेशी विकास के पक्षधर थे महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रासंगिक है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास को हर नागरिक तक पहुंचाना चाहते थे। आज हमें उनकी नीतियों को आत्मसात कर उत्तराखंड के सुनहरे भविष्य के लिए कार्य करना होगा। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता दीप वोहरा, पार्षद वीरेंद्र बिष्ट, अर्जुन सोनकर, पूर्व पार्षद प्रकाश नेगी, भरत शर्मा, सोम प्रकाश वाल्मीकि, सुनील बांगा, अमरजीत घई, शिव प्रसाद गुसाईं समेत अन्य मौजूद रहे।

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