आईटीआई सुधारों को नई दिशा देगा ‘सार्थी’, हर युवा को बेहतर अवसर देने पर ज़ोर : जयन्त चौधरी

नई दिल्ली/देहरादून। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ‘सार्थी’ (Strategic Advisory & Reforms Taskforce for Holistic ITI Transformation) की पहली बैठक आयोजित हुई। यह बैठक देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दीर्घकालिक सुधारों को संस्थागत रूप देने और वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बैठक में राजस्थान के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, गुजरात के मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया, तेलंगाना के मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और स्किलिंग इकोसिस्टम से जुड़े हितधारक शामिल हुए।

जयन्त चौधरी ने कहा कि ‘सार्थी’ व्यावसायिक शिक्षा को नए सिरे से सोचने और एक ऐसा आईटीआई इकोसिस्टम तैयार करने का सामूहिक संकल्प है, जो अधिक गतिशील, महत्वाकांक्षी और बदलते भारत की ज़रूरतों के अनुरूप हो। उन्होंने ज़ोर दिया कि स्किलिंग रिफॉर्म्स को उभरते सेक्टर्स, इंडस्ट्री की मांग और युवाओं की अपेक्षाओं से सीधे जुड़ा होना चाहिए, ताकि हर युवा को उच्च-गुणवत्ता वाले और भविष्य के लिए तैयार अवसर मिल सकें।

बैठक में आईटीआई की क्वालिटी, एक्सेसिबिलिटी और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के अनुरूप प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें संस्थागत परफॉर्मेंस, क्वालिटी एश्योरेंस, टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग, असेसमेंट सिस्टम को मज़बूत करने, उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने और सीखने वालों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

सदस्यों ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, शिक्षा–स्किलिंग–रोज़गार के बीच मज़बूत रास्ते बनाने, प्रैक्टिकल लर्निंग को बेहतर करने, इनोवेशन व एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने और इंडस्ट्री से जुड़ाव मजबूत करने पर भी सुझाव दिए।

बैठक में कौशल विकास मंत्रालय की सेक्रेटरी देवश्री मुखर्जी, डीजीटी के डायरेक्टर जनरल दिलीप कुमार, इकोनॉमिक एडवाइज़र अर्चना मायाराम, जॉइंट सेक्रेटरी एम. सुब्रमण्यम, एनसीवीईटी के एग्जीक्यूटिव मेंबर प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा सहित केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पूरी चर्चा में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग के ज़रिए एक समावेशी, भविष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई दी।

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