देहरादून, 28मार्च 2025(आरएनएस ) राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने आज केंद्र सरकार पर कर्मचारियों के प्रति भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई राहत के नाम पर केवल दो प्रतिशत की वृद्धि और सांसदों के लिए चौबीस प्रतिशत की वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार कर्मचारियों के हित में काम नहीं कर रही है।
रावत ने कहा, “जब सांसदों की पेंशन और वेतन में इतनी भारी वृद्धि की जा रही है, तो कर्मचारियों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों? यह मोदी सरकार का गलत निर्णय है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार केवल सांसदों के लिए राजकोष लुटा रही है, जबकि आम कर्मचारियों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि सांसदों को दिए जाने वाले लाभ से राजकोष पर भारी बोझ पड़ेगा। रावत ने यह मुद्दा देश की जनता के बीच लाने की बात की और आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था से केवल सांसदों को ही फायदा हो रहा है।
बी पी सिंह रावत ने यह भी घोषणा की कि 1 अप्रैल को पूरे देश में यूपीएस काला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन कर्मचारी यूपीएस के पुतले को जलाएंगे और 85 लाख एनपीएस कार्मिकों के खिलाफ उठ रहे आक्रोश को प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने कहा, “यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना को काला कानून मानते हुए इसका विरोध किया जाएगा।”
रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मोदी सरकार यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना को वापस नहीं लेती है, तो पूरे देश में बड़ा विरोध होगा। उन्होंने आगाह किया कि आने वाले दिनों में 85 लाख एनपीएस कार्मिक सड़कों पर आंदोलन करेंगे और इसकी समस्त जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
“हम मोदी सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की गुहार लगाने में थक चुके हैं। अब हमें इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरना होगा,” रावत ने अंत में कहा।

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