बिलासपुर ,03 अपै्रल(आरएनएस)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु माता के कात्यायनी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना भी कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, जो हर साल नवरात्रि के दौरान लागू किया जाता है। चैत्र नवरात्रि के चलते मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा नारियल एकत्र कर लिया जाता है, और किसी को भी मंदिर के अंदर नारियल ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती। माता के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को निकासी द्वार के बाहर नारियल प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। यह व्यवस्था न केवल सुरक्षा को सुनिश्चित करती है, बल्कि मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया को भी सुचारू बनाए रखती है।
मंदिर के पुजारी तरुणेश शर्मा ने बताया कि नवरात्रि के दौरान हर साल नारियल और कड़ा प्रसाद चढ़ाने पर रोक लगाई जाती है।
उन्होंने कहा, यह निर्णय कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को निर्बाध रूप से दर्शन का लाभ प्रदान करने के लिए लिया जाता है। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और इसका कड़ाई से पालन किया जाता है।
वहीं एक श्रद्धालु ने बताया, हर बार की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान नारियल गेट पर ही जमा कर लिए गए। मंदिर प्रशासन इस नियम का सख्ती से पालन करता है, और हमें दर्शन के बाद प्रसाद मिल जाता है। यह व्यवस्था हमारे लिए भी सुविधाजनक है और इससे मंदिर में भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलती है।
श्री नैना देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के लिए
हिमाचल प्रदेश : चैत्र नवरात्र में माता श्री नैना देवी के दरबार में नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध
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