चारधाम यात्रा की तैयारियों में तेज़ी, 24 अप्रैल को होगी मॉक ड्रिल

आपदा प्रबंधन विभाग ने कसी कमर, यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
देहरादून,05अप्रैल 2015(एजेंसिया)आगामी चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की आपदा से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24 अप्रैल को चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों में एक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को आईटी पार्क स्थित यूएसडीएमए भवन में मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मॉक ड्रिल में परखी जाएंगी आपदा प्रबंधन की तैयारियां
मॉक ड्रिल में भूस्खलन, भारी बारिश और भीड़ प्रबंधन जैसी विभिन्न आपदा स्थितियों का अभ्यास किया जाएगा। इससे आपदा प्रबंधन टीमों की तैयारियों का आकलन किया जाएगा और कमियों को दूर करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
एनडीएमए भी करेगा निगरानी
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारी भी मॉक ड्रिल की निगरानी करेंगे और अपनी विशेषज्ञता के आधार पर सुझाव देंगे। पिछले साल भी एनडीएमए ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

मुख्यमंत्री धामी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग को चारधाम यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य

  • चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करना।
  • आपदा प्रबंधन टीमों की कमियों को दूर करना और उनकी क्षमता बढ़ाना।
  • यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाना।
    मॉक ड्रिल में शामिल होंगे ये जिले
  • उत्तरकाशी
  • चमोली
  • रुद्रप्रयाग
  • टिहरी
  • पौड़ी
  • हरिद्वार
  • देहरादून
    मॉक ड्रिल की रूपरेखा
  • 16 अप्रैल: ओरिएंटेशन एंड कोआर्डिनेशन कांफ्रेंस
  • 22 अप्रैल: टेबल टॉप एक्सरसाइज
  • 24 अप्रैल: मॉक ड्रिल
    यह मॉक ड्रिल चारधाम यात्रा की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे आपदा प्रबंधन विभाग को अपनी तैयारियों का आकलन करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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