
देहरादून, 11 अप्रैल2025 (एजेंसिया ): जिला कारागार हरिद्वार में एक साथ 15 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने की खबरों का हरिद्वार जेल प्रशासन ने खंडन किया है। सोशल मीडिया और कुछ समाचार चैनलों पर प्रसारित इस खबर को हरिद्वार जेल के वरिष्ठ अधीक्षक श्री मनोज कुमार आर्य ने त्रुटिपूर्ण बताया है।
श्री आर्य ने स्पष्ट किया है कि जिला कारागार हरिद्वार में वर्तमान में 23 बंदी एचआईवी पॉजिटिव हैं, न कि 15। उन्होंने यह भी बताया कि ये सभी बंदी हाल ही में हुई किसी जांच में संक्रमित नहीं पाए गए हैं, बल्कि अलग-अलग समय पर की गई स्क्रीनिंग और जांच में पॉजिटिव पाए गए थे और पहले से ही कारागार में निरुद्ध हैं।
वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि कारागार विभाग में प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार, जेल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक बंदी का एनएचआरसी द्वारा निर्धारित प्रारूप पर चिकित्सा परीक्षण और हेल्थ स्क्रीनिंग की जाती है, जिसमें एचआईवी जांच भी शामिल है। इसके लिए उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति और एलायंस इंडिया द्वारा “रैपिड टेस्टिंग किट” कारागारों में उपलब्ध कराई जाती है।
जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाए गए बंदियों की आईCTC केंद्र से कन्फर्मेशन जांच करवाई जाती है और पुष्टि होने पर निकटतम एआरटी केंद्र से अन्य जांचें कराकर उनका उपचार शुरू किया जाता है। यह एक सतत प्रक्रिया है, जो कारागार में नियमित रूप से चलती रहती है।
कारागार प्रशासन और गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे कारागार में निरुद्ध बंदियों की चिकित्सा जांच और उपचार के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी अपने इस दायित्व का पूरी तरह से निर्वहन करते रहेंगे।

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