इंडी नेताओं की पीएम पर अपमानजनक टिप्पणी मानसिक दिवालियापन : भट्ट

हार से हताश निराश विपक्ष, विरोध के लिए नही है आधार

देहरादून । भाजपा ने इंडी गठबंधन नेता द्वारा पीएम मोदी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे विपक्ष का मानसिक दिवालियापन बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि लगातार पराजय के बाद अब विपक्ष में भगदड़ मची हुई है, लिहाजा जो भाग नहीं सकते वो प्रधानमंत्री पद जैसे संवैधानिक पदों पर कीचड़ उछालकर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिव सेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत द्वारा अघोरी एवं औरंगजेब से पीएम की तुलना अक्षम्य और घोर निंदनीय है। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बयान दिखाते हैं कि विपक्ष की हताशा अब ‘नए स्तर’ पर पहुंच गई है। वह अब केवल पीएम मोदी ही नहीं, बल्कि गुजरात समेत देश की 140 करोड़ देवतुल्य जनता का भी अपमान करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पहले भी मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। बंगाल, आसाम की करारी हार के बाद उनकी राजनीतिक हताशा और निराशा अब प्रतिशोध में बदल गई है। जिसके कारण कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी नैतिकता और संस्कारों की सारी सीमाएं पार करते जा रहे हैं। ये सब कहीं न कहीं कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी और कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से प्रेरित होकर किया जा रहा है। क्योंकि स्वयं राहुल गांधी अब तक प्रधानमंत्री के खिलाफ 150 से अधिक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं। साथ ही निशाना साधा कि कांग्रेस के सहयोगी संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री के खिलाफ बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। जिसमें उन्होंने गुज़रात के लोगों को औरंगजेब की धरती का बताया है। उनका यह बयान उनकी विकृत सोच को भी दर्शाता है। क्योंकि ये वही लोग हैं जो औरंगजेब की मजार की शान और सुरक्षा में कसीदे पढ़ते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन नेता पीएम मोदी के लिए अपमानजनक भाषा का सहारा इसलिए लेते हैं, क्योंकि उनके पास आलोचना करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। विकास और विरासत के मुद्दे पर मोदी सरकार नित नए नए मुकाम को छू रही है। दुनिया भारत के सामर्थ्य का लोहा मान रहा है। जनता अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर विकसित भारत निर्माण में जुटी है। ऐसे में अपनी राजनैतिक खीज और हताशा उतारने के लिए वे बार बार ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। प्रधानमंत्री की आलोचना के लिए उनके कास कोई तर्क या प्रश्न नहीं बचा है तो वे अब गाली-गलौज का सहारा ले रहे हैं। जिसका करारा ज़बाब भी देश की जनता लगातार चुनाव में पीएम मोदी को चुनकर देती आ रही है।

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