देहरादून, 12 अप्रैल 2025 (मेरोउत्तराखंड): अंतर्राष्ट्रीय स्ट्रीट चिल्ड्रन दिवस के अवसर पर आज देहरादून में एक नई उम्मीद का संचार हुआ। मुख्यमंत्री के दूरदर्शी मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, बाल भिक्षावृत्ति की त्रासदी झेल रहे 19 मासूम बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। साधुराम इंटर कॉलेज में स्थापित राज्य के अपने तरह के पहले आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में आयोजित एक भावपूर्ण कार्यक्रम में इन बच्चों को न केवल स्कूलों में दाखिला दिलाया गया, बल्कि उन्हें नई किताबें और स्कूल की गणवेश भी प्रदान की गई, जिससे उनके भविष्य की राह रोशन हो सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं नवनिर्मित आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर का बारीकी से निरीक्षण किया और बच्चों के साथ उनके पठन-पाठन की प्रक्रिया को समझा। अपने बीच जिले के शीर्ष अधिकारियों को पाकर बच्चे और उन्हें प्रशिक्षित कर रहे विशेषज्ञ प्रशिक्षक बेहद उत्साहित दिखे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इंटेंसिव केयर सेंटर के इन 19 बच्चों ने तीन महीने के गहन प्रशिक्षण और भावनात्मक बदलाव के बाद शिक्षा के मंदिर में पहला कदम रखा। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मधुर आवाज में संगीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर इन बच्चों में कितनी प्रतिभा छिपी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले तीन महीनों में किए गए प्रयासों के सुखद परिणाम आज सामने हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर रूपी जो बीज बोया गया था, वह अब एक वृक्ष के रूप में विकसित हो रहा है और इन स्ट्रीट चिल्ड्रन के भविष्य को सकारात्मक दिशा देने की ओर अग्रसर है। सेंटर में कंप्यूटर, संगीत, योगा, गेम्स और प्रोजेक्टर जैसी आधुनिक शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चे शिक्षा में पूरी तरह से तल्लीन हो रहे हैं और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग उनकी सीखने की ललक को और बढ़ा रही है। जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 231 बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से निकालकर इस इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने इस आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर को राज्य का पहला ऐसा केंद्र बताया जो वंचित बच्चों को स्कूल की राह दिखा रहा है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि समाज में सभी को समान अवसर प्रदान करना हमारी मूलभूत जिम्मेदारी है और इसे हर संभव पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक ड्रॉपआउट और स्ट्रीट चिल्ड्रन को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लक्ष्य को दोहराया। जिलाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में शीघ्र ही एक सुसज्जित लाइब्रेरी भी स्थापित की जाएगी और इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने प्रत्येक नागरिक, बच्चे, बुजुर्ग और महिला को समानता का अधिकार दिलाने को अपना मौलिक कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि सभी आधारभूत सुविधाएं जरूरतमंदों तक सबसे पहले पहुंचे। उन्होंने इस सेंटर को स्थापित करने और इसे आगे बढ़ाने में सहयोग करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राउंड टीम, होमगार्ड और उन सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने यह विश्वास जताया कि जीवन में बदलाव संभव है। उन्होंने सभी बच्चों और अभिभावकों से अपील की कि जो बच्चे अभी भी मुख्यधारा से जुड़ने से वंचित हैं, उन्हें इंटेंसिव केयर सेंटर में लाने के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की यही सर्वोच्च प्राथमिकता है कि अंतिम व्यक्ति, चाहे वह बच्चा हो, महिला हो या बुजुर्ग, तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए आवश्यकतानुसार हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों, एनजीओ और फील्ड स्टाफ से इस सेंटर को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपेक्षा की ताकि कोई भी बच्चा अपने बचपन और शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि भिक्षावृत्ति और बालश्रम में लिप्त बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने का विचार जिलाधिकारी का ही था, जिसके परिणामस्वरूप एक प्रभावी माइक्रो प्लान तैयार किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्ट्रीट चिल्ड्रन को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए तैयार किए गए इस प्लान को धरातल पर उतारने में लगे सभी विभागों और एनजीओ को धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रशासन इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
आज शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने वाले भाग्यशाली बच्चों में कार्तिक कुमार (5 वर्ष, कक्षा 1), शिवानी (7 वर्ष, कक्षा 2), रोशनी (9 वर्ष, कक्षा 4), अंजलि (13 वर्ष, कक्षा 7), चंदन (11 वर्ष, कक्षा 6), सोनाक्षी (4 वर्ष, एकेजी), सूरज (8 वर्ष, कक्षा 1), बादल (11 वर्ष, कक्षा 1), लक्ष्मी (13 वर्ष), ज्योनी (13 वर्ष), रजनी (11 वर्ष, कक्षा 6), करण (5 वर्ष, कक्षा 1), इंद्रजीत (13 वर्ष, कक्षा 5), अजीत (10 वर्ष, कक्षा 4), आर्यन (6 वर्ष, कक्षा 2), असलापन (10 वर्ष, कक्षा 3), फिजा (8 वर्ष, कक्षा 2), सत्रू (13 वर्ष, कक्षा 7) और पवन (13 वर्ष, कक्षा 7) शामिल हैं।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, अपर निदेशक शिक्षा प्रदीप रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री घिल्डियाल, आसरा ट्रस्ट की चेयरपर्सन शैला बृजनाथ, सचिव अदिति कौर, नीतू खन्ना, अमित बलोदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक कार्य के प्रति अपना समर्थन और उत्साह व्यक्त किया। यह आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर न केवल इन बच्चों के जीवन में एक नया अध्याय शुरू करेगा, बल्कि अन्य वंचित बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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