हिसार ,25 अपै्रल(आरएनएस)। हरियाणा के हिसार जिले के बालसमंद गांव में पिछले सात महीने से रह रहे एक 15 सदस्यीय पाकिस्तानी हिंदू परिवार को पुलिस ने दिल्ली भेज दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और परिवार के वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद की गई है।
वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार, यह परिवार पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर से भारत आया था। इसमें 3 लड़कियां, 8 बच्चे, 3 महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। परिवार का 45 दिन का वीजा 25 अगस्त 2024 को समाप्त हो गया था, लेकिन वे इसके बाद भी बालसमंद में ही रह रहे थे। परिवार ने एक निजी अस्पताल की जमीन पर बने कमरे में शरण ले रखी थी और खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहा था।
पाकिस्तान वापस जाने से इनकार, प्रताडऩा का लगाया आरोप
परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते क्योंकि वहां उन्हें कथित तौर पर प्रताडि़त किया जाता है। उन्होंने भारत में ही रहने की इच्छा जताई थी और वीजा समाप्त होने के बाद दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा (रुञ्जङ्क) के लिए आवेदन भी किया था।
पहलगाम हमले के बाद सरकार का सख्त रुख
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को जारी सार्क वीजा रद्द कर दिया था और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोडऩे का आदेश दिया था। इसी पृष्ठभूमि में हिसार पुलिस ने यह कदम उठाया है।
कैसे पहुंचा था परिवार हिसार?
सूत्रों के मुताबिक, इस परिवार को भारत लाने में दिल्ली निवासी हरिओम नामक व्यक्ति ने मदद की थी, जो राजस्थान के जैसलमेर में रह रहे पाकिस्तानी विस्थापितों की सहायता करते हैं। हरिओम ने जैसलमेर में ही रह रहे दयालदास (जो खुद 2011 से पाक वीजा पर भारत में थे) की मदद की थी। दयालदास ने ही हरिओम को इस परिवार के बारे में बताया था, जिसके बाद इन्हें पाकिस्तान से भारत लाकर हिसार के बालसमंद में बसाया गया था।
पुलिस ने दिल्ली कैंप भेजा
हिसार पुलिस के बालसमंद चौकी इंचार्ज शेषकरण ने पुष्टि करते हुए बताया, उच्च अधिकारियों के आदेश पर इस परिवार को बस द्वारा दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप में भेज दिया गया है। वीजा समाप्त होने के बावजूद वे यहां रह रहे थे। आगे की कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली से की जाएगी।
हिसार से पाकिस्तानी हिंदू परिवार दिल्ली भेजा गया, वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहे थे 15 सदस्य
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